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Sultanpur News: बढ़े उल्टी-दस्त के मरीज, मेडिकल कॉलेज में उमड़ी भीड़
Sun, 11 Aug 2024 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 11 Aug 2024 12:13 AM IST
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सुल्तानपुर। लगातार बदलते मौसम के चलते लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल काॅलेज में रोजाना उल्टी, दस्त व बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। शनिवार को इमरजेंसी में डायरिया के 279 मरीज आए, जिनमें से 15 को भर्ती करना पड़ा। इसके अलावा ओपीडी में 358 रोगियों ने उपचार कराया। रोगियों की संख्या अधिक होने के चलते इमरजेंसी समेत सभी वार्ड मरीजों से फुल हैं।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के पुरुष वार्ड में 226 बेड हैं। इसमें 10 प्राइवेट वार्ड भी शामिल हैं। शनिवार को स्थिति यह रही कि डायरिया के मरीजों से चिल्ड्रेन व पीडियाट्रिक केयर यूनिट भी फुल हो गई। लोग बेड के लिए परेशान रहे। इमरजेंसी में मरीजों को फर्श पर बैठकर इलाज कराना पड़ा। ओपीडी में भी मरीज और तीमारदार फर्श पर बैठकर डाॅक्टर को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
बेटे आरव का इलाज कराने मुडिला से आईं सोमवती ने बताया कि वह सुबह सात बजे अस्पताल आ गई थीं। सुबह से इमरजेंसी में अपने बच्चे का इलाज फर्श पर बैठकर करा रही हैं। बिकना से आईं मंगला ने बताया कि वह डायरिया पीड़ित सात वर्षीय बेटे मधुकर के लिए बेड की तलाश कर रहीं हैं, लेकिन बेड नहीं मिल पाया है। डाॅक्टर ने बताया है कि जब बेड खाली हो जाएगा तो वार्ड में भेज दिया जाएगा।
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मौसम में बदलाव से फैल रहा डायरिया
मेडिकल काॅलेज के फिजीशियन डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव से लोगों को उल्टी, दस्त और बुखार की बीमारी हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष प्रताप सिंह ने बताया कि गर्मी व बरसात के मौसम में बच्चों को डायरिया की शिकायत ज्यादा होती है। इसके लिए सावधानी बरती जानी चाहिए।
बेड बढ़ाने के लिए किया जा रहा प्रयास
मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि बेड बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में पर्याप्त बेड हैं, लेकिन जब अचानक मरीज आते हैं तो कभी-कभी दिक्कत हो जाती है।
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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के पुरुष वार्ड में 226 बेड हैं। इसमें 10 प्राइवेट वार्ड भी शामिल हैं। शनिवार को स्थिति यह रही कि डायरिया के मरीजों से चिल्ड्रेन व पीडियाट्रिक केयर यूनिट भी फुल हो गई। लोग बेड के लिए परेशान रहे। इमरजेंसी में मरीजों को फर्श पर बैठकर इलाज कराना पड़ा। ओपीडी में भी मरीज और तीमारदार फर्श पर बैठकर डाॅक्टर को दिखाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखे।
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बेटे आरव का इलाज कराने मुडिला से आईं सोमवती ने बताया कि वह सुबह सात बजे अस्पताल आ गई थीं। सुबह से इमरजेंसी में अपने बच्चे का इलाज फर्श पर बैठकर करा रही हैं। बिकना से आईं मंगला ने बताया कि वह डायरिया पीड़ित सात वर्षीय बेटे मधुकर के लिए बेड की तलाश कर रहीं हैं, लेकिन बेड नहीं मिल पाया है। डाॅक्टर ने बताया है कि जब बेड खाली हो जाएगा तो वार्ड में भेज दिया जाएगा।
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मौसम में बदलाव से फैल रहा डायरिया
मेडिकल काॅलेज के फिजीशियन डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव से लोगों को उल्टी, दस्त और बुखार की बीमारी हो रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष प्रताप सिंह ने बताया कि गर्मी व बरसात के मौसम में बच्चों को डायरिया की शिकायत ज्यादा होती है। इसके लिए सावधानी बरती जानी चाहिए।
बेड बढ़ाने के लिए किया जा रहा प्रयास
मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि बेड बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में पर्याप्त बेड हैं, लेकिन जब अचानक मरीज आते हैं तो कभी-कभी दिक्कत हो जाती है।