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चकबंदी प्रक्रिया में धांधली पर भड़के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो/अमेठी
Updated Tue, 21 Jul 2015 11:50 PM IST
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अमेठी। चक आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता से नाराज सरैया कनू के ग्रामीणों ने मंगलवार को तहसील पहुंचकर जमकर हंगामा किया। हंगामा देख तहसील दिवस की सुनवाई कर रहे एसडीएम ने बाहर आकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का शिकायती पत्र लिया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ब्लॉक क्षेत्र संग्रामपुर की ग्राम पंचायत सरैया कनू में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। चकबंदी विभाग के अधिकारियों की ओर से चक की गलत मालियत लगाने व चक आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने से नाराज ग्रामीण मंगलवार को तहसील पहुंच गए। करीब सौ की संख्या में तहसील पहुंचे ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। ग्रामीणों के हंगामे से तहसील दिवस प्रभावित होता देख दिवसाधिकारी एसडीएम सुभाषचंद्र प्रजापति ने बाहर आकर ग्रामीणों की समस्या जानी।
ग्रामीणों ने दिवसाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए चकबंदी विभाग के एसीओ पर मालियत लगाने व चक आवंटन में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि सहायक चकबंदी अधिकारी ने बड़े काश्तकारों से पैसा लेकर सड़क किनारे की कीमती भूमि उन्हें आवंटित कर दी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आवंटित चकों की पैमाइश गलत तरीके से की जा रही है। इन लोगों की मांग थी कि गांव में अब तक हुई चकबंदी प्रक्रिया की किसी सक्षम अधिकारी से जांच कराकर दोबारा नियमानुसार चकबंदी प्रक्रिया कराई जाए।
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एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर 28 जुलाई से तहसील परिसर में आमरण अनशन का भी अल्टीमेटम दिया है। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि मामला चकबंदी विभाग का है इसलिए वह उनके शिकायती पत्र को बंदोबस्त अधिकारी को भेजेंगे।
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ब्लॉक क्षेत्र संग्रामपुर की ग्राम पंचायत सरैया कनू में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। चकबंदी विभाग के अधिकारियों की ओर से चक की गलत मालियत लगाने व चक आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने से नाराज ग्रामीण मंगलवार को तहसील पहुंच गए। करीब सौ की संख्या में तहसील पहुंचे ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। ग्रामीणों के हंगामे से तहसील दिवस प्रभावित होता देख दिवसाधिकारी एसडीएम सुभाषचंद्र प्रजापति ने बाहर आकर ग्रामीणों की समस्या जानी।
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ग्रामीणों ने दिवसाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए चकबंदी विभाग के एसीओ पर मालियत लगाने व चक आवंटन में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि सहायक चकबंदी अधिकारी ने बड़े काश्तकारों से पैसा लेकर सड़क किनारे की कीमती भूमि उन्हें आवंटित कर दी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आवंटित चकों की पैमाइश गलत तरीके से की जा रही है। इन लोगों की मांग थी कि गांव में अब तक हुई चकबंदी प्रक्रिया की किसी सक्षम अधिकारी से जांच कराकर दोबारा नियमानुसार चकबंदी प्रक्रिया कराई जाए।
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एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर 28 जुलाई से तहसील परिसर में आमरण अनशन का भी अल्टीमेटम दिया है। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि मामला चकबंदी विभाग का है इसलिए वह उनके शिकायती पत्र को बंदोबस्त अधिकारी को भेजेंगे।