{"_id":"61100ad18ebc3e74ac572308","slug":"village-panchayats-of-many-secretaries-change-in-cluster-system-sultanpur-news-lko5904852101","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्लस्टर व्यवस्था में सचिवों की ग्राम पंचायतें इधर से उधर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्लस्टर व्यवस्था में सचिवों की ग्राम पंचायतें इधर से उधर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। जिले में पंचायत सचिवों की तैनाती के लिए लागू ग्राम पंचायतों की क्लस्टर व्यवस्था में बड़ी संख्या में सेक्रेटरियों की ग्राम पंचायतें इधर से उधर हो गई हैं। चहेती ग्राम पंचायतों से हटने के बाद दर्जनों पंचायत सचिव ज्वॉइनिंग के पहले क्लस्टर को बदलवाने में जुट गए हैं। नए सेक्रेटरियों की तैनाती से काफी प्रधान भी असंतुष्ट हो गए हैं।
जिले में पंचायत सचिवों की तैनाती के लिए शनिवार से लागू क्लस्टर व्यवस्था में बड़ी संख्या में सेक्रेटरियों की चहेती ग्राम पंचायतें इधर से उधर हो गई हैं। दूर-दूर की ये ऐसी ग्राम पंचायतें रहीं जिसमें कुछ सेक्रेटरी जुगाड़ से वर्षों जमे रहे।
पंचायतराज विभाग की ओर से अमूमन चार से पांच ग्राम पंचायतों के बनाए गए समूह (क्लस्टर) से सचिवों की पूर्व की तैनाती व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई हैं। अब क्लस्टर में पंचायत सचिवों की तैनाती किए जाने से उनकी अधिकांश चहेती ग्राम पंचायतें छूट गई हैं।
विज्ञापन
चहेती ग्राम पंचायतें छूटने से दर्जनों पंचायत सचिव परेशान हो गए हैं। इसमें कुछ पंचायत सचिव क्लस्टर बदलवाने में जुट गए हैं। यही नहीं चहेते सचिवों के क्लस्टर व्यवस्था में नहीं पाने पर दोबारा जीतकर आए ग्राम प्रधान भी काफी परेशान हैं।
वे भी सत्तासीन नेताओं व अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों की ओर से लगातार क्लस्टर बदलने का दबाव विभाग पर बनाया जा रहा है। जिला पंचायतराज अधिकारी आरके भारती का कहना है कि डीएम व सीडीओ के अनुमोदन के बाद क्लस्टर व्यवस्था में पंचायत सचिवों की तैनाती की गई है। तैनाती में ब्लॉकों से पंचायत सचिवों से विकल्प लिए गए हैं। अधिकांश सचिव संतुष्ट हैं।
विज्ञापन
जिले में पंचायत सचिवों की तैनाती के लिए शनिवार से लागू क्लस्टर व्यवस्था में बड़ी संख्या में सेक्रेटरियों की चहेती ग्राम पंचायतें इधर से उधर हो गई हैं। दूर-दूर की ये ऐसी ग्राम पंचायतें रहीं जिसमें कुछ सेक्रेटरी जुगाड़ से वर्षों जमे रहे।
विज्ञापन
पंचायतराज विभाग की ओर से अमूमन चार से पांच ग्राम पंचायतों के बनाए गए समूह (क्लस्टर) से सचिवों की पूर्व की तैनाती व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई हैं। अब क्लस्टर में पंचायत सचिवों की तैनाती किए जाने से उनकी अधिकांश चहेती ग्राम पंचायतें छूट गई हैं।
विज्ञापन
चहेती ग्राम पंचायतें छूटने से दर्जनों पंचायत सचिव परेशान हो गए हैं। इसमें कुछ पंचायत सचिव क्लस्टर बदलवाने में जुट गए हैं। यही नहीं चहेते सचिवों के क्लस्टर व्यवस्था में नहीं पाने पर दोबारा जीतकर आए ग्राम प्रधान भी काफी परेशान हैं।
वे भी सत्तासीन नेताओं व अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों की ओर से लगातार क्लस्टर बदलने का दबाव विभाग पर बनाया जा रहा है। जिला पंचायतराज अधिकारी आरके भारती का कहना है कि डीएम व सीडीओ के अनुमोदन के बाद क्लस्टर व्यवस्था में पंचायत सचिवों की तैनाती की गई है। तैनाती में ब्लॉकों से पंचायत सचिवों से विकल्प लिए गए हैं। अधिकांश सचिव संतुष्ट हैं।