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यूपी: अमित शाह केस में कैसे बरी हुए राहुल गांधी, सामने आईं ये वजहें; 140 पेशियों के बाद मुकदमे का हुआ निपटारा

Mon, 26 Oct 2026 06:24 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला, सुल्तानपुर
अमर उजाला, सुल्तानपुर Published by: Akash Dwivedi Updated Mon, 26 Oct 2026 06:24 PM IST
सार

सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने अमित शाह पर कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने शिकायतकर्ता विजय मिश्रा को पीड़ित व्यक्ति की श्रेणी में नहीं माना और गवाहों के बयानों में विरोधाभास पाया। करीब 140 पेशियों के बाद मुकदमे का निपटारा हुआ। शिकायतकर्ता ने ऊपरी अदालत में अपील की बात कही है।

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UP: How Rahul Gandhi was acquitted in the Amit Shah case—the reasons revealed; the trial concluded after 140 c
राहुल गांधी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष व वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमवार को छह साल पुराने मानहानि मुकदमे में उन्हें दोषमुक्त कर दिया। 

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अदालत ने 49 पेज के आदेश में शिकायतकर्ता विजय मिश्रा को पीड़ित व्यक्ति की श्रेणी में नहीं माना। साथ ही कहा कि राहुल गांधी के बयान का उन पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ता। शिकायतकर्ता के गवाहों के बयानों में भी विरोधाभास पाया गया। फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल बजाकर, पटाखे फोड़कर और नारेबाजी कर खुशी जताई।

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27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को तलब किया था

मामला आठ मई 2018 का है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान बेंगलुरु में राहुल गांधी ने अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। इससे नाराज भाजपा नेता और तत्कालीन जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष विजय मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को तलब किया था। 

वह 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत मिली। मुकदमे के दौरान करीब 140 पेशियां हुईं और राहुल गांधी को कुल चार बार सुल्तानपुर आना पड़ा। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का मिलान कराने की मांग की थी। मजिस्ट्रेट कोर्ट, सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। राहुल गांधी का बयान 20 फरवरी 2026 को दर्ज हुआ। छह अक्तूबर को अंतिम बहस शुरू हुई और 12 अक्तूबर को सुनवाई पूरी हो गई।

 

 

14 मिनट में खत्म हुई कार्यवाही

सोमवार सुबह 11:19 बजे एमपीएमएलए कक्ष में पहुंचे राहुल गांधी 11:33 बजे बाहर निकल गए। करीब 14 मिनट में कार्यवाही पूरी हुई। इस दौरान करीब 10 मिनट तक जज ने फैसला पढ़ा। राहुल के साथ अधिवक्ता काशीनाथ शुक्ला, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आरएस चीमा, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

 

ऊपरी अदालत में करेंगे अपील

राहुल गांधी के अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ''पीड़ित व्यक्ति'' की श्रेणी में नहीं आते हैं। हम इस बात से खुश हैं कि राहुल गांधी को बरी कर दिया गया है। उधर, वादी विजय मिश्रा ने कहा कि अभी हमने कोर्ट के फैसले की कॉपी नहीं देखी है, वकीलों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से बात करेंगे और कानूनी राय के आधार पर आगे ऊपरी कोर्ट में अपील दायर करेंगे।

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