{"_id":"647b03db4e087f858c0dc557","slug":"up-government-will-appeal-against-gayatri-prajapati-in-violation-of-election-code-of-conduct-2023-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur: पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को बरी करने के मामले के खिलाफ सरकार करेगी अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur: पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को बरी करने के मामले के खिलाफ सरकार करेगी अपील
Sat, 03 Jun 2023 02:41 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 03 Jun 2023 02:41 PM IST
सार
आचार संहिता उल्लंघन मामले में जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सुबूत न
मिलने से बरी किए जाने के खिलाफ सरकार अपील करेगी।
विज्ञापन
पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति
- फोटो : amar ujala
विस्तार
गैंगरेप के मामले में लखनऊ जेल में सजा काट रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को आचार संहिता का उल्लंघन करने के केस में बरी करने के जिले के एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार अपील करेगी। अपील दाखिल होने पर पूर्व मंत्री की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के खिलाफ अमेठी कोतवाली में 28 जनवरी 2012 को तत्कालीन कोतवाल अमरेंद्र बाजपेयी ने आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज कराया था। पुलिस का आरोप था कि गायत्री प्रजापति ने नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर आचार संहिता का उल्लंघन किया था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - अयोध्या से प्रेशर पॉलिटिक्स पर सरकार का ब्रेक, भाजपा आलाकमान को पसंद नहीं आई बृजभूषण की हुंकार
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - एक साथ सात ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराएगी स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को नाश्ता और खाना भी मिलेगा
मामले की सुनवाई कर रहे एमपी-एमएलए की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने सात अप्रैल 2023 को गायत्री प्रजापति को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। ट्रायल कोर्ट से बरी करने के आदेश के खिलाफ सरकार अपील दाखिल करने की तैयारी में है।
विशेष लोक अभियोजक कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि शासन ने उन्हें अपील दायर करने का निर्देश दिया है। आरोपों, साक्ष्यों व निर्णय का गहन अध्ययन करके सक्षम न्यायालय में अपील दायर की जाएगी।