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Sultanpur News: सरकार की नीतियों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने किया प्रदर्शन
Thu, 10 Aug 2023 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 10 Aug 2023 12:01 AM IST
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सुल्तानपुर में प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य।
सुल्तानपुर। सरकार की नीतियों के विरोध में बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा सड़क पर उतर आई। प्रदर्शन करते हुए मोर्चा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा।
संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक शारदा प्रसाद पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार की कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के विरोध में भारत छोड़ो-खेती छोड़ों की मांग के लिए सामूहिक आवाज उठा रहे हैं। किसान नेता रमाशंकर चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नौ दिसंबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा के साथ एक लिखित समझौता किया था। उसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य ऋण मुक्ति, बिजली निजीकरण विधेयक को वापस समेत लंबित मांगों का समाधान करने का वादा किया था।
किसान नेता बाबूराम यादव ने कहा कि किसानों का परिवार गंभीर रूप से कंगाली और बदहाली का शिकार हो रहा है। किसान नेता राधेश्याम वर्मा ने कहा कि हाल ही में भूस्खलन ने हिमालय की पहाड़ियों और मैदानी इलाके को तबाह कर दिया था। इसमें 160 लोगों की जान चली गई। लाखोटिया कृषि भूमि और खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। इस तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। प्रदर्शन करने वालों में मोहम्मद सैफ, राम कृपाल सिंह, रामप्यारे वर्मा, मेड़ई राम, श्याम बहादुर, राज बहादुर यादव, संतोष मौर्य, राम उजागिर, दुर्गेश पाल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक शारदा प्रसाद पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार की कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के विरोध में भारत छोड़ो-खेती छोड़ों की मांग के लिए सामूहिक आवाज उठा रहे हैं। किसान नेता रमाशंकर चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नौ दिसंबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा के साथ एक लिखित समझौता किया था। उसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य ऋण मुक्ति, बिजली निजीकरण विधेयक को वापस समेत लंबित मांगों का समाधान करने का वादा किया था।
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किसान नेता बाबूराम यादव ने कहा कि किसानों का परिवार गंभीर रूप से कंगाली और बदहाली का शिकार हो रहा है। किसान नेता राधेश्याम वर्मा ने कहा कि हाल ही में भूस्खलन ने हिमालय की पहाड़ियों और मैदानी इलाके को तबाह कर दिया था। इसमें 160 लोगों की जान चली गई। लाखोटिया कृषि भूमि और खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं। इस तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। प्रदर्शन करने वालों में मोहम्मद सैफ, राम कृपाल सिंह, रामप्यारे वर्मा, मेड़ई राम, श्याम बहादुर, राज बहादुर यादव, संतोष मौर्य, राम उजागिर, दुर्गेश पाल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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