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Sultanpur News: श्रद्धा को जिंदा जलाने वाले दो दोषियों को उम्रकैद
Fri, 18 Sep 2026 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 18 Sep 2026 12:45 AM IST
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सुल्तानपुर। बल्दीराय के बहुचर्चित श्रद्धा सिंह हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने बृहस्पतिवार को दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायाधीश स्वतंत्र प्रकाश ने परसौली मजरे ऐंजर निवासी सुभाष सिंह चौहान और जयकरन चौहान पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की आधी रकम मृतका की मां अर्चना सिंह को देने का आदेश दिया गया।
बुधवार को कोर्ट ने दोनों को हत्या का दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को पुलिस दोनों को जेल से कोर्ट लेकर पहुंची। सजा के बिंदु पर अभियोजन ने कड़ी सजा की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने दोषियों की उम्र और कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने शाम 4:40 बजे फैसला सुनाया।
हैंडपंप पर पानी भरते समय बनाया था निशाना
21 सितंबर 2020 को श्रद्धा हैंडपंप पर पानी भर रही थी। अभियोजन के अनुसार सुभाष और जयकरन ने उसके हाथ-पैर व मुंह बांधे और केरोसिन डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी श्रद्धा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में मां अर्चना देवी ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सुनवाई में अभियोजन ने 12 और बचाव पक्ष ने तीन गवाह पेश किए।
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एक आरोपी की सुनवाई जारी, दूसरे पर हाईकोर्ट का स्टे
आरोपी महंथ को हाल में पुलिस ने देहली बाजार से गिरफ्तार कर जेल भेजा। उसका मामला विचाराधीन है। वहीं जगबरन यादव के मामले में हाईकोर्ट से स्टे होने के कारण सुनवाई रुकी है।
फैसला सुनते ही फूट फूटकर रोने लगे
सजा के बाद दोनों दोषियों के परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही। मृतका के पिता प्रदीप सिंह ने फैसले पर संतोष जताया। बताया कि घटना के समय श्रद्धा बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी।
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बुधवार को कोर्ट ने दोनों को हत्या का दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को पुलिस दोनों को जेल से कोर्ट लेकर पहुंची। सजा के बिंदु पर अभियोजन ने कड़ी सजा की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने दोषियों की उम्र और कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने शाम 4:40 बजे फैसला सुनाया।
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हैंडपंप पर पानी भरते समय बनाया था निशाना
21 सितंबर 2020 को श्रद्धा हैंडपंप पर पानी भर रही थी। अभियोजन के अनुसार सुभाष और जयकरन ने उसके हाथ-पैर व मुंह बांधे और केरोसिन डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी श्रद्धा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में मां अर्चना देवी ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सुनवाई में अभियोजन ने 12 और बचाव पक्ष ने तीन गवाह पेश किए।
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एक आरोपी की सुनवाई जारी, दूसरे पर हाईकोर्ट का स्टे
आरोपी महंथ को हाल में पुलिस ने देहली बाजार से गिरफ्तार कर जेल भेजा। उसका मामला विचाराधीन है। वहीं जगबरन यादव के मामले में हाईकोर्ट से स्टे होने के कारण सुनवाई रुकी है।
फैसला सुनते ही फूट फूटकर रोने लगे
सजा के बाद दोनों दोषियों के परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही। मृतका के पिता प्रदीप सिंह ने फैसले पर संतोष जताया। बताया कि घटना के समय श्रद्धा बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी।