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42 विद्युत उपकेंद्रों के संचालन पर फिर उपजा संकट
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सुल्तानपुर। विद्युत वितरण मंडल में कार्यरत ओरिएन कंपनी के टेंडर की कार्य अवधि समाप्त होने पर दो माह कार्य अवधि बढ़ाए जाने के बाद भी नई टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने से जिले के 42 विद्युत उपकेंद्रों पर मरम्मत व संचालन कार्य पर संकट छाया है।
कंपनी से जुड़े करीब 700 संविदा कर्मियों का भविष्य भी दांव पर लगा है। कार्यरत कंपनी की बुधवार को समाप्त हो रही समय सीमा को देखते हुए विद्युत वितरण मंडल फर्म की कार्य अवधि बढ़वाने के प्रयास में जुटा है।
जिले के 42 विद्युत उपकेंद्रों पर बिजली आपूर्ति व मरम्मत के कार्य के लिए पावर कॉर्पोरेशन के निर्णय पर ओरिएन कंपनी को टेंडर के जरिये मई 2019 में कार्य दिया गया था। कंपनी की कार्य अवधि अप्रैल 2021 में समाप्त हो गई। इस बीच विद्युत वितरण मंडल ने टेंडर आमंत्रित कर प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की लेकिन पर्याप्त फर्मों ने निविदा में हिस्सा ही नहीं लिया। इस वजह से टेंडर निरस्त करना पड़ा।
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टेंडर निरस्त होने व ओरिएन कंपनी के कार्य की अवधि को समाप्त होते देख विद्युत वितरण मंडल ने ओरिएन कंपनी की कार्य अवधि दो माह बढ़ा दी। इसके बाद भी आमंत्रित टेंडर की प्रक्रिया कंपनियों के हिस्सा न लेने की वजह से पूरी नहीं हो सकी। दो माह की बढ़ाई गई कार्य अवधि 30 जून को समाप्त हो गई।
बढ़ाई गई अवधि समाप्त होने के बाद जिले के 42 विद्युत उपकेंद्रों पर मरम्मत व संचालन कार्य पर संकट छा गया है। अभी तक ओरिएन कंपनी में संविदा पर कार्य कर रहे करीब 700 कुशल व अकुशल कर्मियों का भविष्य भी दांव पर लग गया है।
गुरुवार से जिले में संचालन व मरम्मत कार्य को लेकर वितरण मंडल के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता मध्यांचल से बातचीत कर रहे हैं।
अधीक्षण अभियंता धीरज सिन्हा ने बताया कि ओरिएन कंपनी की दो माह बढ़ाई गई कार्य अवधि बुधवार को समाप्त हो गई। निविदा में कंपनियों के हिस्सा न लेने से टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। मध्यांचल वितरण निगम से ओरिएन कंपनी की कार्य अवधि दो माह और बढ़ाने के लिए बातचीत चल रही है, देर शाम तक अनुमति मिलने की संभावना है।
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कंपनी से जुड़े करीब 700 संविदा कर्मियों का भविष्य भी दांव पर लगा है। कार्यरत कंपनी की बुधवार को समाप्त हो रही समय सीमा को देखते हुए विद्युत वितरण मंडल फर्म की कार्य अवधि बढ़वाने के प्रयास में जुटा है।
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जिले के 42 विद्युत उपकेंद्रों पर बिजली आपूर्ति व मरम्मत के कार्य के लिए पावर कॉर्पोरेशन के निर्णय पर ओरिएन कंपनी को टेंडर के जरिये मई 2019 में कार्य दिया गया था। कंपनी की कार्य अवधि अप्रैल 2021 में समाप्त हो गई। इस बीच विद्युत वितरण मंडल ने टेंडर आमंत्रित कर प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की लेकिन पर्याप्त फर्मों ने निविदा में हिस्सा ही नहीं लिया। इस वजह से टेंडर निरस्त करना पड़ा।
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टेंडर निरस्त होने व ओरिएन कंपनी के कार्य की अवधि को समाप्त होते देख विद्युत वितरण मंडल ने ओरिएन कंपनी की कार्य अवधि दो माह बढ़ा दी। इसके बाद भी आमंत्रित टेंडर की प्रक्रिया कंपनियों के हिस्सा न लेने की वजह से पूरी नहीं हो सकी। दो माह की बढ़ाई गई कार्य अवधि 30 जून को समाप्त हो गई।
बढ़ाई गई अवधि समाप्त होने के बाद जिले के 42 विद्युत उपकेंद्रों पर मरम्मत व संचालन कार्य पर संकट छा गया है। अभी तक ओरिएन कंपनी में संविदा पर कार्य कर रहे करीब 700 कुशल व अकुशल कर्मियों का भविष्य भी दांव पर लग गया है।
गुरुवार से जिले में संचालन व मरम्मत कार्य को लेकर वितरण मंडल के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता मध्यांचल से बातचीत कर रहे हैं।
अधीक्षण अभियंता धीरज सिन्हा ने बताया कि ओरिएन कंपनी की दो माह बढ़ाई गई कार्य अवधि बुधवार को समाप्त हो गई। निविदा में कंपनियों के हिस्सा न लेने से टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। मध्यांचल वितरण निगम से ओरिएन कंपनी की कार्य अवधि दो माह और बढ़ाने के लिए बातचीत चल रही है, देर शाम तक अनुमति मिलने की संभावना है।