फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   The outbreak of viral fever started to subside

Sultanpur News: थमने लगा वायरल बुखार का प्रकोप

Sat, 04 Nov 2023 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Sat, 04 Nov 2023 12:06 AM IST
विज्ञापन
The outbreak of viral fever started to subside
सुल्तानपुर। पिछले तीन महीनों से वायरल बुखार व अन्य संक्रामक रोगों आदि से जूझ रहे जिले के लिए राहत भरी खबर है। तापमान में गिरावट के चलते अब इन रोगों की रफ्तार तेजी से घटी है। इससे ओपीडी से लेकर दवा काउंटर पर लाइनें आधी रह गई हैं।
विज्ञापन



करीब तीन माह पहले जिले में संक्रामक रोग, बुखार और डेंगू के संदिग्ध केस आना शुरू हुए थे। इसके चलते 700-800 मरीजों की ओपीडी वाले मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। धीरे-धीरे यह संख्या करीब तीन गुना होकर 1975 तक पहुंच गई। इसके अलावा रोज सौ मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती भी कराए जाने लगे। इससे 200 बेड वाले अस्पताल के सामने संकट खड़ा हो गया और स्ट्रेचर आदि पर लिटाकर मरीजों को इलाज दिया जाता रहा है।
विज्ञापन



ओपीडी और दवा काउंटरों पर यह मारामारी करीब एक महीने तक बनी रही। किंतु अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। शुक्रवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या 1125 रह गई। पिछले महीने तक औसतन जहां 40 से ज्यादा मरीज वायरल बुखार या संक्रामक रोगों के आ रहे थे, उनकी संख्या भी अब काफी घट गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन



पिछले तीन दिनों में बुखार के करीब 90 मरीज ही आए हैं। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉक्टर आरके मिश्र ने बताया कि प्लेटलेट्स की मांग में भी कमी आई है। महीने भर पहले प्लेटलेट्स की मांग 90 से 100 यूनिट तक पहुंच गई थी लेकिन पिछले सात दिनों के दौरान यह घटकर 40 से 45 यूनिट रह गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि अब डेंगू व वायरल बुखार का असर काफी कम हो गया है।




वायरल बुखार की दवाओं की मांग घटी
मेडिकल कॉलेज के औषधि कक्ष के इंचार्ज फार्मासिस्ट अजीत सिंह बताते हैं कि पैरासिटामोल, सिपलाक्स, अमाकसिकलेव, रेंटिडिन, लिओसिट्राजिन व मेट्रोजिल आदि दवाओं की खपत में कमी आई है। करीब 15 से 20 दिन पहले औषधि काउंटर पर पैरासिटामॉल की आठ हजार और सिट्राजिन की चार हजार टैबलेट की खपत थी जो अब घटकर क्रमश: चार हजार और दो हजार हो गई हैं।




मरीज घटे तो दबाव कम हुआ
वायरल का असर अब काफी कम हो रहा है, किंतु अभी अस्पताल के सभी बेड फुल हैं। किंतु मारा-मारी जैसे स्थिति अब नहीं है। मरीजों की संख्या में कमी आने से काफी राहत मिली है। काम का दबाव कम हुआ है।
- डॉ. एसके गोयल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed