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Sultanpur News: रैन बसेरे की रजाई...देखने में गर्म, ओढ़ने में ठंडी

Tue, 30 Dec 2025 01:46 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:46 AM IST
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The night shelter quilt...warm to look at, cool to cover
शहर के बस स्टेशन परिसर में बने रैन बसेरा के बाहर फर्श पर कंबल ओढ़कर सोता बुजुर्ग। - फोटो : शहर के बस स्टेशन परिसर में बने रैन बसेरा के बाहर फर्श पर कंबल ओढ़कर सोता बुजुर्ग।
सुल्तानपुर। हाड़ कंपाती ठंड में यदि रात रैन बसेरे में गुजारनी है तो साथ में ओढ़ने के लिए कंबल लेकर जाएं। क्याेंकि रैन बसेरों की रजाई और गद्दे पूरी तरह बेदम हैं। पूरी रात करवट बदलनी पड़ेगी और कंपकपी भी छूटेगी। प्रशासन ने अस्थायी रैन बसेरे की व्यवस्था तो की है, लेकिन कंबल व रजाई की समुचित व्यवस्था नहीं है। कमरे में हीटर की व्यवस्था भी नहीं मिली।
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सोमवार दोपहर करीब एक बजे रोडवेज परिसर में रोटरी क्लब की ओर बनाया गया अस्थायी रैन बसेरा बंद मिला। इसके बगल ही फर्श पर कंबल ओढ़कर एक बुजुर्ग सोता हुआ मिला। पूछने पर बताया कि कमरा बंद है, इसलिए मजबूरन बाहर लेटना पड़ा। यहां बने रैन बसेरे के सभी बिस्तर खाली पड़े थे, यहां गद्दे पर न तो चादर बिछी थी और न ही रजाई पर लिहाफ चढ़े थे। देखने में वह काफी गंदे दिख रहे थे। कमरा बंद रहने से यात्रियों व निराश्रितों को इसका फायदा भी नहीं मिलता दिखा। इसके अलावा नगर पालिका की ओर से शहर के पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार परिसर में रैन बसेरा की हालत ठीक दिखी। यहां कंबल और रजाई की व्यवस्था पर्याप्त दिखी, लेकिन कमरा गर्म करने के लिए हीटर की व्यवस्था नहीं थी, हालांकि बाहर अलाव की व्यवस्था थी।
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शाम को खोला जाता है रैन बसेरा

रोडवेज के स्टेशन इंचार्ज नान्हूराम सरोज ने बताया कि यहां पर रोटरी क्लब की ओर से अस्थायी रैन बसेरा 10 बेड का बनाया गया है। शाम के समय यात्रियों को ठहरने के लिए रैन बसेरा खोला जाता है। कुछ स्थानीय लोग रैन बसेरा को गंदा कर देते हैं। इसलिए दिन में रैन बसेरा को बंद करना पड़ता है।
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शहर में अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं
शहर में अलाव की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। कुछ लोगों ने चंदा जुटाकर अपने मोहल्ले में अलाव की व्यवस्था कर रखी है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन दावा कर रहा है कि 45 से 50 स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र सरोज ने बताया कि जरूरत पड़ने पर अलाव की संख्या बढ़ाई जाती है। पालिका की ओर से शहर में दो रैन बसेरे चल रहे हैं।
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