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Sultanpur News: सरिता की पाठशाला में संवर रहा बच्चों का भविष्य
Wed, 18 Sep 2024 02:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 18 Sep 2024 02:46 AM IST
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सरिता के साथ बच्चे
सुलतानपुर। जो बच्चे कूड़ा बटोरते हैं। पैसे के अभाव में स्कूल नहीं जा पाते हैं। ऐसे जरूरतमंदों के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैलाने के लिए हंगर स्ट्राइक टीम के युवाओं के साथ सरिता ने निशुल्क पाठशाला शुरू की है। सरिता की पाठशाला से प्राथमिक ज्ञान पाने वाले 32 बच्चों में से 11 का दाखिला प्राइवेट स्कूल में करा दिया गया है। बच्चों की कॉपी किताब, ड्रेस, शुल्क आदि का इंतजाम भी गायत्री परिवार व सामाजिक संगठन ने किया है।
बाल कल्याण पीठ की सदस्य मजिस्ट्रेट सरिता यादव की ये पाठशाला शहर के घासीगंज मोहल्ले की मलिन बस्ती में चलती है। यहां निशुल्क पढ़ाई होती है। इसे संचालित करने वाली सरिता यादव इसी वार्ड के बाबापुरम में रहती हैं। शाम को ऑफिस से आने के बाद वह नित्य दो घंटे मलिन बस्ती जाकर बच्चों को पढ़ाती हैं। इनकी मुहिम की चर्चा में आई तो कई संगठन भी मदद के लिए आगे आए।
अमेरिका में रहने वाले डीके सिंह को जब मलिन बस्ती के बच्चों की निशुल्क पाठशाला के बारे में पता चला तो वह सरिता यादव से मिले और नैतिक व व्यावहारिक शिक्षा के लिए पजल गेम, कंपास, थ्री डी चश्मे, ज्ञानवर्धक पुस्तकें भेंट कीं। सरिता शिक्षा देने के साथ-साथ बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए योगाभ्यास व पीटी भी करवाती हैं। सरिता कहती हैं कि बाल कल्याण समिति में रहने के समय ही उन्होंने बच्चों के लिए कुछ करने का मन बनाया था। उन्होंने मोहल्ले में कूड़ा बीनते नौनिहालों को देखा तो उनके घरवालों से बात की और मई में ही पाठशाला शुरू कर दी। देखते ही देखते पाठशाला में बच्चों की संख्या भी बढ़ गई। अब उनका भविष्य संवारने का संकल्प लिया तो तीन महीने में सब पढ़ने के इच्छुक हो गए।
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गायत्री परिवार से मिला सहयोग
अंकुरण फाउंडेशन से जुड़े युवा समाजसेवी अभिषेक सिंह ने गायत्री परिवार के सहयोग से 11 बच्चों का इंग्लिश मीडियम स्कूल में पंजीयन कराया। उनके ड्रेस व कॉपी किताब और फीस का भी जिम्मा भी वही उठा रहे हैं।
मदद करने से मिलता है सुकून
सरिता महिला सशक्तीकरण की मिसाल हैं। अंकुरण फाउंडेशन के जरिए उन्होंने कई बार जरूरतमंदों को रक्तदान भी किया है। गरीब बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ भोजन आदि की व्यवस्था भी सरिता समय-समय पर कराती रहती हैं। वह कहती हैं कि जो सुकून जरूरतमंदों की मदद से मिलता है, वह अलहदा है।
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बाल कल्याण पीठ की सदस्य मजिस्ट्रेट सरिता यादव की ये पाठशाला शहर के घासीगंज मोहल्ले की मलिन बस्ती में चलती है। यहां निशुल्क पढ़ाई होती है। इसे संचालित करने वाली सरिता यादव इसी वार्ड के बाबापुरम में रहती हैं। शाम को ऑफिस से आने के बाद वह नित्य दो घंटे मलिन बस्ती जाकर बच्चों को पढ़ाती हैं। इनकी मुहिम की चर्चा में आई तो कई संगठन भी मदद के लिए आगे आए।
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अमेरिका में रहने वाले डीके सिंह को जब मलिन बस्ती के बच्चों की निशुल्क पाठशाला के बारे में पता चला तो वह सरिता यादव से मिले और नैतिक व व्यावहारिक शिक्षा के लिए पजल गेम, कंपास, थ्री डी चश्मे, ज्ञानवर्धक पुस्तकें भेंट कीं। सरिता शिक्षा देने के साथ-साथ बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए योगाभ्यास व पीटी भी करवाती हैं। सरिता कहती हैं कि बाल कल्याण समिति में रहने के समय ही उन्होंने बच्चों के लिए कुछ करने का मन बनाया था। उन्होंने मोहल्ले में कूड़ा बीनते नौनिहालों को देखा तो उनके घरवालों से बात की और मई में ही पाठशाला शुरू कर दी। देखते ही देखते पाठशाला में बच्चों की संख्या भी बढ़ गई। अब उनका भविष्य संवारने का संकल्प लिया तो तीन महीने में सब पढ़ने के इच्छुक हो गए।
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गायत्री परिवार से मिला सहयोग
अंकुरण फाउंडेशन से जुड़े युवा समाजसेवी अभिषेक सिंह ने गायत्री परिवार के सहयोग से 11 बच्चों का इंग्लिश मीडियम स्कूल में पंजीयन कराया। उनके ड्रेस व कॉपी किताब और फीस का भी जिम्मा भी वही उठा रहे हैं।
मदद करने से मिलता है सुकून
सरिता महिला सशक्तीकरण की मिसाल हैं। अंकुरण फाउंडेशन के जरिए उन्होंने कई बार जरूरतमंदों को रक्तदान भी किया है। गरीब बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ भोजन आदि की व्यवस्था भी सरिता समय-समय पर कराती रहती हैं। वह कहती हैं कि जो सुकून जरूरतमंदों की मदद से मिलता है, वह अलहदा है।