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15 दिसंबर तक ध्वस्त किए जाएंगे परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवन
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सुलतानपुर। परिषदीय के जर्जर भवन 15 दिसंबर तक ढहाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने निर्देश जारी किए हैं। पिछले दो सालों में जिले के 700 परिषदीय विद्यालयों के भवन जर्जर अवस्था में पहुंच गए हैं। जिले के परिषदीय विद्यालयों के भवनों की दशा दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।
शासन के निर्देश पर जर्जर भवनों की नवीन सूची बनवाई गई है। सूची में जर्जर इमारतों की संख्या बढ़कर 700 पहुंच गई है। पहले सर्वे में 344 विद्यालयो के भवन जर्जर मिले थे। अब खंड शिक्षा अधिकारियों ने 356 विद्यालयों की नई सूची बीएसए को उपलब्ध कराई है।
उसमें जर्जर विद्यालयों की कुल संख्या बढ़कर 700 हो गई है। ये विद्यालय भवन बच्चों के अध्ययन के योग्य नहीं रह गए हैं। जर्जर भवनों में पढ़ाई कराना खतरे से खाली नही है। निष्प्रयोज्य और मरम्मत के योग्य नहीं पाए जाने पर विद्यालयों के भवनों को ढहाए जाने की कार्रवाई 15 दिसंबर तक कराई जाएगी। स्कूल शिक्षा के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बीएसए व डीएम को पत्र भेजकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई 15 दिसंबर तक पूर्ण करा लेने का निर्देश दिया है।
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जिन विद्यालयों को मरम्मत के योग्य नहीं पाया जाएगा, उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। समिति में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता अध्यक्ष होंगे।
लोक निर्माण विभाग व लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता बतौर सदस्य समिति में शामिल होंगे। जर्जर विद्यालय के भवन की ध्वस्तीकरण का फैसला तकनीकी समिति की ओर से ही लिया जाएगा।
ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित भवन की नीलामी के लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में एक नीलामी समिति का गठन किया जाएगा। नीलामी समिति में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी तथा एडीओ पंचायत बतौर सदस्य शामिल होंगे।
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शासन के निर्देश पर जर्जर भवनों की नवीन सूची बनवाई गई है। सूची में जर्जर इमारतों की संख्या बढ़कर 700 पहुंच गई है। पहले सर्वे में 344 विद्यालयो के भवन जर्जर मिले थे। अब खंड शिक्षा अधिकारियों ने 356 विद्यालयों की नई सूची बीएसए को उपलब्ध कराई है।
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उसमें जर्जर विद्यालयों की कुल संख्या बढ़कर 700 हो गई है। ये विद्यालय भवन बच्चों के अध्ययन के योग्य नहीं रह गए हैं। जर्जर भवनों में पढ़ाई कराना खतरे से खाली नही है। निष्प्रयोज्य और मरम्मत के योग्य नहीं पाए जाने पर विद्यालयों के भवनों को ढहाए जाने की कार्रवाई 15 दिसंबर तक कराई जाएगी। स्कूल शिक्षा के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बीएसए व डीएम को पत्र भेजकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई 15 दिसंबर तक पूर्ण करा लेने का निर्देश दिया है।
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जिन विद्यालयों को मरम्मत के योग्य नहीं पाया जाएगा, उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। समिति में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अधिशासी अभियंता अध्यक्ष होंगे।
लोक निर्माण विभाग व लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता बतौर सदस्य समिति में शामिल होंगे। जर्जर विद्यालय के भवन की ध्वस्तीकरण का फैसला तकनीकी समिति की ओर से ही लिया जाएगा।
ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित भवन की नीलामी के लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में एक नीलामी समिति का गठन किया जाएगा। नीलामी समिति में बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी तथा एडीओ पंचायत बतौर सदस्य शामिल होंगे।