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Sultanpur News: बारिश से खेत से घर तक आफत धान की फसल गिरी, मकान ढहा
Fri, 25 Sep 2026 01:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 25 Sep 2026 01:16 AM IST
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कुड़वार क्षेत्र में मूली की फसल में बनाई गई नाली में हुआ जलभराव। संवाद
सुल्तानपुर। तेज हवा के साथ बुधवार रात शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को दिनभर जारी रही। लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने के साथ खेती को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं शहर में भी लगातार बारिश से कहीं-कहीं जलभराव की स्थिति बनी रही। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई और रोजमर्रा के काम प्रभावित हुए।
भदैंया के दाऊदपट्टी में बारिश के कारण कच्चा मकान ढह गया। वहीं धनपतगंज और बल्दीराय क्षेत्र में कटाई के करीब पहुंची धान की फसल खेतों में गिर गई। कुड़वार क्षेत्र में तोरई, लौकी, कद्दू समेत कई सब्जियों को नुकसान हुआ है। लगातार नमी से तैयार फसलों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका से किसान चिंतित हैं।
बारिश के दौरान ब़ृहस्पतिवार को दाऊदपट्टी निवासी सूर्य प्रकाश पांडेय का कच्चा मकान बारिश से ढह गया। दीवारों में नमी आने से मकान कमजोर हो गया था। हादसे के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित स्थान पर थे। मकान गिरने से घरेलू सामान मलबे में दबकर भीग गया। परिवार के सामने अब रहने का संकट खड़ा हो गया है। कानूनगो एसके सिंह ने बताया कि मौसम साफ होने पर मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया जाएगा और रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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इनसेट
खेतों में गिरी धान की फसल
बल्दीराय और धनपतगंज के कई गांवों में तेज हवा के कारण तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई। खेतों में पानी भरने से फसल के सड़ने की आशंका है। किसानों घनश्याम दुबे, रामचंद्र, रामसुंदर और साहबलाल ने बताया कि धान की कटाई की तैयारी थी, लेकिन बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। खाद, बीज, जोताई और सिंचाई पर खर्च के बाद फसल खराब होने से लागत निकालना मुश्किल हो सकता है। धनपतगंज में धान की बालियों में दाने भरने और पकने की प्रक्रिया चल रही है। लगातार नमी से दाने काले या बदरंग पड़ने के साथ फफूंद लगने का खतरा है। राजकीय कृषि रक्षा इकाई के एडीओ उदय प्रताप सिंह ने मौसम खुलते ही पकी फसल काटने और खेतों से पानी निकालने की सलाह दी है।
सब्जियों पर पड़ा असर
बारिश के कारण कुड़वार क्षेत्र के महानपुर, पुरैना, पखरौली और धरौली में तोरई, लौकी, कद्दू समेत फूल से तैयार होने वाली सब्जियों को नुकसान की आशंका है। किसानों अमितदेव, कमलेश, सुरेश और रजनीश ने टमाटर, पालक, मूली, सोया, मेथी और गोभी की फसल प्रभावित होने की बात कही। कृषि वैज्ञानिक ब्रह्मराज पांडेय ने फफूंदनाशक और कीटनाशक के छिड़काव की सलाह दी है।
26.5 डिग्री पर अटका अधिकतम तापमान
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 26.5 और न्यूनतम 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा। 20.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल के अनुसार 27 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कुड़वार में बारिश से धान, गन्ना, चरी और तिल्ली को फायदा हुआ है, लेकिन अगेती धान और सब्जियों पर असर पड़ा है। कृषि विज्ञान केंद्र, बरासिन के वैज्ञानिक डॉ. शशांक शेखर सिंह ने जलभराव वाले खेतों से पानी निकालने की सलाह दी है। तैयार फसलों में कीट लगने की आशंका भी बढ़ गई है।
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भदैंया के दाऊदपट्टी में बारिश के कारण कच्चा मकान ढह गया। वहीं धनपतगंज और बल्दीराय क्षेत्र में कटाई के करीब पहुंची धान की फसल खेतों में गिर गई। कुड़वार क्षेत्र में तोरई, लौकी, कद्दू समेत कई सब्जियों को नुकसान हुआ है। लगातार नमी से तैयार फसलों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका से किसान चिंतित हैं।
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बारिश के दौरान ब़ृहस्पतिवार को दाऊदपट्टी निवासी सूर्य प्रकाश पांडेय का कच्चा मकान बारिश से ढह गया। दीवारों में नमी आने से मकान कमजोर हो गया था। हादसे के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित स्थान पर थे। मकान गिरने से घरेलू सामान मलबे में दबकर भीग गया। परिवार के सामने अब रहने का संकट खड़ा हो गया है। कानूनगो एसके सिंह ने बताया कि मौसम साफ होने पर मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया जाएगा और रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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खेतों में गिरी धान की फसल
बल्दीराय और धनपतगंज के कई गांवों में तेज हवा के कारण तैयार धान की फसल खेतों में गिर गई। खेतों में पानी भरने से फसल के सड़ने की आशंका है। किसानों घनश्याम दुबे, रामचंद्र, रामसुंदर और साहबलाल ने बताया कि धान की कटाई की तैयारी थी, लेकिन बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। खाद, बीज, जोताई और सिंचाई पर खर्च के बाद फसल खराब होने से लागत निकालना मुश्किल हो सकता है। धनपतगंज में धान की बालियों में दाने भरने और पकने की प्रक्रिया चल रही है। लगातार नमी से दाने काले या बदरंग पड़ने के साथ फफूंद लगने का खतरा है। राजकीय कृषि रक्षा इकाई के एडीओ उदय प्रताप सिंह ने मौसम खुलते ही पकी फसल काटने और खेतों से पानी निकालने की सलाह दी है।
सब्जियों पर पड़ा असर
बारिश के कारण कुड़वार क्षेत्र के महानपुर, पुरैना, पखरौली और धरौली में तोरई, लौकी, कद्दू समेत फूल से तैयार होने वाली सब्जियों को नुकसान की आशंका है। किसानों अमितदेव, कमलेश, सुरेश और रजनीश ने टमाटर, पालक, मूली, सोया, मेथी और गोभी की फसल प्रभावित होने की बात कही। कृषि वैज्ञानिक ब्रह्मराज पांडेय ने फफूंदनाशक और कीटनाशक के छिड़काव की सलाह दी है।
26.5 डिग्री पर अटका अधिकतम तापमान
बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 26.5 और न्यूनतम 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा। 20.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल के अनुसार 27 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कुड़वार में बारिश से धान, गन्ना, चरी और तिल्ली को फायदा हुआ है, लेकिन अगेती धान और सब्जियों पर असर पड़ा है। कृषि विज्ञान केंद्र, बरासिन के वैज्ञानिक डॉ. शशांक शेखर सिंह ने जलभराव वाले खेतों से पानी निकालने की सलाह दी है। तैयार फसलों में कीट लगने की आशंका भी बढ़ गई है।