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Sultanpur News: डेंगू के दस और मरीज मिले अब तक 27 मामलों की पुष्टि
Sun, 07 Sep 2025 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 07 Sep 2025 01:34 AM IST
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दूबेपुर के दादूपुर में फॉगिंग करता कर्मी।
सुल्तानपुर। सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही जिले में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। चार सितंबर को आई एलाइजा जांच रिपोर्ट में 17 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। वहीं शनिवार की रिपोर्ट में दस और मामले डेंगू के मिले। जिले में अब तक डेंगू के 27 मरीज मिल चुके हैं। इसके अलावा सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में हर दिन डेंगू के लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं।
विशेषज्ञों ने सितंबर को डेंगू का पीक मानते हुए सचेत रहने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं, दावा है कि सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू के इलाज के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
डेंगू के बढ़ते मरीजों को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में एक डेंगू वार्ड पहले से ही तैयार है। बिरसिंहपुर अस्पताल में भी 10 बेड का एक वार्ड आरक्षित किया गया है। सभी 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड के वार्ड बनाए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वंशीलाल ने बताया कि शनिवार को आठ मामले सामने आए हैं। अब तक 27 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य टीमें गांवों में जाकर फाॅगिंग करने के साथ लोगों को बीमारी से बचने के टिप्स दे रही हैं।
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पेनकिलर न खाएं, पानी खूब पीएं : चिकित्सक
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि बुखार आने पर सबसे जरूरी है कि बॉडी को हाइड्रेट रखें। इसलिए, फीवर आने पर ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, नारियल पानी और लिक्विड डाइट लें, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। साथ ही, अपनी मर्जी से कोई दवा नहीं खाएं। खासकर पेनकिलर तो बिल्कुल नहीं खाएं, इससे नुकसान हो सकता है। प्लेटलेट्स काउंट पर भी पैनिक होने की जरूरत नहीं है। फिजिशियन डॉ. एसी गुप्ता ने कहा कि यह डॉक्टर को तय करने दें कि किस प्लेटलेट्स काउंट पर क्या इलाज करना है। डेंगू में प्लेटलेट्स की क्वॉलिटी भी मायने रखती है। इसलिए, मरीज और उनके तीमारदारों को डॉक्टर के इलाज पर भरोसा करना चाहिए।
डरें नहीं, जिले में डेंगू के इलाज के पुख्ता इंतजाम
डेंगू से डरने की जरूरत नहीं है, जिले में इलाज के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में वार्ड आरक्षित हैं, हर बेड पर मच्छरदानी और इलाज के संसाधन मौजूद हैं। सतर्कता से इस बीमारी से निपटा जा सकता है।
-डॉ. भारत भूषण, सीएमओ
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विशेषज्ञों ने सितंबर को डेंगू का पीक मानते हुए सचेत रहने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं, दावा है कि सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू के इलाज के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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डेंगू के बढ़ते मरीजों को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में एक डेंगू वार्ड पहले से ही तैयार है। बिरसिंहपुर अस्पताल में भी 10 बेड का एक वार्ड आरक्षित किया गया है। सभी 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड के वार्ड बनाए गए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वंशीलाल ने बताया कि शनिवार को आठ मामले सामने आए हैं। अब तक 27 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य टीमें गांवों में जाकर फाॅगिंग करने के साथ लोगों को बीमारी से बचने के टिप्स दे रही हैं।
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पेनकिलर न खाएं, पानी खूब पीएं : चिकित्सक
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि बुखार आने पर सबसे जरूरी है कि बॉडी को हाइड्रेट रखें। इसलिए, फीवर आने पर ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, नारियल पानी और लिक्विड डाइट लें, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। साथ ही, अपनी मर्जी से कोई दवा नहीं खाएं। खासकर पेनकिलर तो बिल्कुल नहीं खाएं, इससे नुकसान हो सकता है। प्लेटलेट्स काउंट पर भी पैनिक होने की जरूरत नहीं है। फिजिशियन डॉ. एसी गुप्ता ने कहा कि यह डॉक्टर को तय करने दें कि किस प्लेटलेट्स काउंट पर क्या इलाज करना है। डेंगू में प्लेटलेट्स की क्वॉलिटी भी मायने रखती है। इसलिए, मरीज और उनके तीमारदारों को डॉक्टर के इलाज पर भरोसा करना चाहिए।
डरें नहीं, जिले में डेंगू के इलाज के पुख्ता इंतजाम
डेंगू से डरने की जरूरत नहीं है, जिले में इलाज के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में वार्ड आरक्षित हैं, हर बेड पर मच्छरदानी और इलाज के संसाधन मौजूद हैं। सतर्कता से इस बीमारी से निपटा जा सकता है।
-डॉ. भारत भूषण, सीएमओ