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इंग्लिश मीडियम विद्यालयों में रुचि नहीं ले रहे शिक्षक
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सुल्तानपुर। जिले के 151 परिषदीय प्राथमिक एवं 19 उच्च प्राथमिक विद्यालय इंग्लिश मीडियम मॉडल स्कूल के लिए चयनित हुए हैं। इन स्कूलों में अध्यापन के लिए अपेक्षित शिक्षक नहीं मिल रहे है। इसकी वजह से सरकार की योजना अंजाम तक नहीं पहुंच पा रही है।
बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार हर वर्ष परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को इंग्लिश मीडियम से संचालित कराने के लिए चयनित कर रही है। इसके पीछे मंशा यह है कि ग्रामीणांचल के गरीब बच्चे भी इंग्लिश सीखकर शहरी बच्चों के साथ कदमताल कर सकें।
चालू शैक्षिक सत्र में दो बार मॉडल स्कूल के लिए विद्यालयों का चयन हुआ है। पहले चरण में 81 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय और 19 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को इंग्लिश मीडियम मॉडल स्कूल के लिए चयनित किया गया था।
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दूसरे चरण में 70 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय चयनित करने का शासन ने निर्देश दिया। शासन के आदेश के बाद विद्यालयों का चयन भी कर लिया गया।
इन 170 विद्यालयों में प्रति विद्यालय एक प्रधानाध्यापक व चार सहायक अध्यापक के हिसाब से कुल 850 शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी। मॉडल स्कूलों में अध्यापन के लिए जब शिक्षकों से आवेदन मांगे गए तो मात्र 623 शिक्षकों ने ही आवेदन किया।
यही नहीं जब छह अक्तूबर को शिक्षकों की चयन के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई तो मात्र 454 शिक्षक ही परीक्षा देने पहुंचे जबकि 169 शिक्षक अनुपस्थित रहे।
परीक्षा में शामिल 454 शिक्षकों का चयन हो भी जाय तब भी 396 शिक्षकों की कमी रहेगी। शिक्षकों के मॉडल स्कूलों में रुचि नहीं लेने से अब इस योजना के सुचारु संचालन में अड़चन उत्पन्न हो गई है।
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बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार हर वर्ष परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को इंग्लिश मीडियम से संचालित कराने के लिए चयनित कर रही है। इसके पीछे मंशा यह है कि ग्रामीणांचल के गरीब बच्चे भी इंग्लिश सीखकर शहरी बच्चों के साथ कदमताल कर सकें।
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चालू शैक्षिक सत्र में दो बार मॉडल स्कूल के लिए विद्यालयों का चयन हुआ है। पहले चरण में 81 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय और 19 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को इंग्लिश मीडियम मॉडल स्कूल के लिए चयनित किया गया था।
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दूसरे चरण में 70 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय चयनित करने का शासन ने निर्देश दिया। शासन के आदेश के बाद विद्यालयों का चयन भी कर लिया गया।
इन 170 विद्यालयों में प्रति विद्यालय एक प्रधानाध्यापक व चार सहायक अध्यापक के हिसाब से कुल 850 शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी। मॉडल स्कूलों में अध्यापन के लिए जब शिक्षकों से आवेदन मांगे गए तो मात्र 623 शिक्षकों ने ही आवेदन किया।
यही नहीं जब छह अक्तूबर को शिक्षकों की चयन के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई तो मात्र 454 शिक्षक ही परीक्षा देने पहुंचे जबकि 169 शिक्षक अनुपस्थित रहे।
परीक्षा में शामिल 454 शिक्षकों का चयन हो भी जाय तब भी 396 शिक्षकों की कमी रहेगी। शिक्षकों के मॉडल स्कूलों में रुचि नहीं लेने से अब इस योजना के सुचारु संचालन में अड़चन उत्पन्न हो गई है।