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अंतर जनपदीय तबादले की आस लगाए शिक्षकों की पूरी होगी मुराद
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सुल्तानपुर। लगभग साल भर पूर्व शुरू हुआ अंतर जनपदीय स्थानांतरण बीच में ही रोक दिया गया था। अब मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अंतर जनपदीय तबादले की आस लगाए शिक्षकों की मुराद पूरी हो सकेगी।
जिले के 1735 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय व 612 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग साढ़े आठ हजार शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है, जो गैर जनपद से आकर नौकरी करते हैं। तकरीबन एक साल पहले अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई थी तब तबादले की आस लगाए लगभग 1243 शिक्षकों ने आवेदन किया था।
आवेदन के बाद काउंसलिंग भी कराई गई थी लेकिन प्रक्रिया बीच में ही रोक दी गई थी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले को हरी झंडी दे दी है। इससे तबादले की आस लगाए शिक्षकों की मन की मुराद पूरी होगी। वहीं, गैर जनपदों में नौकरी करने वाले जिले के निवासी शिक्षक भी बड़ी संख्या में अपनी आमद दर्ज कराएंगे।
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अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए बेसिक शिक्षा परिषद सचिव को भेजी गई रिक्ति को लेकर भी गतिरोध है। 14 जनवरी 2020 को बेसिक शिक्षा परिषद सचिव रूबी सिंह ने बीएसए को पत्र जारी कर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक की सूचना त्रुटिपूर्ण भेजने पर फटकार लगाई थी।
सचिव ने कहा था कि परीक्षण के बिना ही सूचना उपलब्ध करा देना शासकीय व विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही व उदासीनता का द्योतक है। हालांकि, बाद में अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया स्थगित हुई तो विवाद ठंडे बस्ते में चला गया।
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जिले के 1735 परिषदीय प्राथमिक विद्यालय व 612 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग साढ़े आठ हजार शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है, जो गैर जनपद से आकर नौकरी करते हैं। तकरीबन एक साल पहले अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई थी तब तबादले की आस लगाए लगभग 1243 शिक्षकों ने आवेदन किया था।
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आवेदन के बाद काउंसलिंग भी कराई गई थी लेकिन प्रक्रिया बीच में ही रोक दी गई थी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले को हरी झंडी दे दी है। इससे तबादले की आस लगाए शिक्षकों की मन की मुराद पूरी होगी। वहीं, गैर जनपदों में नौकरी करने वाले जिले के निवासी शिक्षक भी बड़ी संख्या में अपनी आमद दर्ज कराएंगे।
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अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए बेसिक शिक्षा परिषद सचिव को भेजी गई रिक्ति को लेकर भी गतिरोध है। 14 जनवरी 2020 को बेसिक शिक्षा परिषद सचिव रूबी सिंह ने बीएसए को पत्र जारी कर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक की सूचना त्रुटिपूर्ण भेजने पर फटकार लगाई थी।
सचिव ने कहा था कि परीक्षण के बिना ही सूचना उपलब्ध करा देना शासकीय व विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही व उदासीनता का द्योतक है। हालांकि, बाद में अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया स्थगित हुई तो विवाद ठंडे बस्ते में चला गया।