{"_id":"5fca66c28ebc3ecfb027ff88","slug":"surrender-of-former-kotwal-accused-of-sending-obscene-messages-to-a-woman-sultanpur-news-lko55320128","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवती को अश्लील मैसेज भेजने के आरोपी पूर्व नगर कोतवाल ने कोर्ट में किया सरेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवती को अश्लील मैसेज भेजने के आरोपी पूर्व नगर कोतवाल ने कोर्ट में किया सरेंडर
विज्ञापन
सुल्तानपुर। शादी का झांसा देकर युवती के साथ हुए दुष्कर्म करने के मामले की विवेचना करने के दौरान पीड़िता को व्हाट्स एप पर अश्लील मैसेज भेजने के आरोपी पूर्व नगर कोतवाल ने हाईकोर्ट के निर्देश पर शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए पूर्व नगर कोतवाल को पांच घंटे कोर्ट की कस्टडी में रहना पड़ा। सीजेएम हरीश कुमार ने आरोपी पूर्व नगर कोतवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामले मेें अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। मामला कुड़वार थाने से जुड़ा है।
कुड़वार थाना क्षेत्र के सोहगौली गांव निवासी शुभम तिवारी पर मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र की एक गांव की युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
इस मामले में 21 जुलाई 2018 को केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि तत्कालीन कुड़वार एसओ नंद कुमार तिवारी युवती को मुकदमे में मदद करने का प्रलोभन देकर उसके पास व्हाट्स एप पर अश्लील मैसेज भेजते थे। बाद में नंद कुमार तिवारी का कुड़वार थाने से तबादला हो गया था और वे नगर कोतवाल बना दिए गए थे।
आरोप है कि नगर कोतवाली में पहुंचने के बाद भी वे युवती के पास अश्लील मैसेज भेजा करते थे। इससे परेशान होकर पीड़िता तत्कालीन एसपी अनुराग वत्स के पास पहुंच गई थी। एसपी ने मामले की जांच तत्कालीन एसपी सिटी डॉ. मीनाक्षी कात्यायन को सौंप दी थी।
चार जनवरी 2019 को एसपी सिटी की जांच में दोषी पाए जाने के बाद कोतवाल नंद कुमार तिवारी को निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसी मामले में पिछले नौ नवंबर को पूर्व कोतवाल की अर्जी पर हाईकोर्ट ने उन्हें चार सप्ताह में कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था।
हाईकोर्ट के निर्देश पर शुक्रवार को पूर्व कोतवाल ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय अग्रहरि ने पूर्व कोतवाल की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए उनकी क्रिमिनल हिस्ट्री मंगाए जाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान पूर्व कोतवाल को पांच घंटे तक कोर्ट की कस्टडी में रहना पड़ा। सीजेएम हरीश कुमार ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पूर्व नगर कोतवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 18 दिसंबर की तिथि नियत की है।
विज्ञापन
जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए पूर्व नगर कोतवाल को पांच घंटे कोर्ट की कस्टडी में रहना पड़ा। सीजेएम हरीश कुमार ने आरोपी पूर्व नगर कोतवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामले मेें अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी। मामला कुड़वार थाने से जुड़ा है।
विज्ञापन
कुड़वार थाना क्षेत्र के सोहगौली गांव निवासी शुभम तिवारी पर मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र की एक गांव की युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
इस मामले में 21 जुलाई 2018 को केस दर्ज किया गया था। आरोप है कि तत्कालीन कुड़वार एसओ नंद कुमार तिवारी युवती को मुकदमे में मदद करने का प्रलोभन देकर उसके पास व्हाट्स एप पर अश्लील मैसेज भेजते थे। बाद में नंद कुमार तिवारी का कुड़वार थाने से तबादला हो गया था और वे नगर कोतवाल बना दिए गए थे।
आरोप है कि नगर कोतवाली में पहुंचने के बाद भी वे युवती के पास अश्लील मैसेज भेजा करते थे। इससे परेशान होकर पीड़िता तत्कालीन एसपी अनुराग वत्स के पास पहुंच गई थी। एसपी ने मामले की जांच तत्कालीन एसपी सिटी डॉ. मीनाक्षी कात्यायन को सौंप दी थी।
चार जनवरी 2019 को एसपी सिटी की जांच में दोषी पाए जाने के बाद कोतवाल नंद कुमार तिवारी को निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसी मामले में पिछले नौ नवंबर को पूर्व कोतवाल की अर्जी पर हाईकोर्ट ने उन्हें चार सप्ताह में कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था।
हाईकोर्ट के निर्देश पर शुक्रवार को पूर्व कोतवाल ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय अग्रहरि ने पूर्व कोतवाल की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए उनकी क्रिमिनल हिस्ट्री मंगाए जाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान पूर्व कोतवाल को पांच घंटे तक कोर्ट की कस्टडी में रहना पड़ा। सीजेएम हरीश कुमार ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पूर्व नगर कोतवाल को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 18 दिसंबर की तिथि नियत की है।