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Sultanpur News: जम्मू में सेना ड्यूटी कर रहे सुल्तानपुर के बेटे की मौत
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भूपेंद्र कुमार सिंह।
- फोटो : भूपेंद्र कुमार सिंह।
गोसाईगंज। बरुई निवासी भारतीय सेना के जवान भूपेंद्र कुमार सिंह (41) की जम्मू के अखनूर सेक्टर के ऑर्डिनेंस डिपो में ड्यूटी के दौरान शनिवार रात तबीयत खराब हो गई। उन्हें निकट के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां, रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। इसकी जानकारी परिजनों को दी गई। इससे परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों के अनुसार भूपेंद्र कुमार सिंह शनिवार रात ड्यूटी पर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। देर रात उनकी पत्नी रूबी सिंह के पास सेना के अधिकारियों का फोन आया। उन्हें बताया गया कि तबीयत खराब होने पर भूपेंद्र कुमार सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रविवार सुबह करीब नौ बजे उनकी मौत होने की जानकारी मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भूपेंद्र कुमार सिंह का परिवार लंबे समय से देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके बड़े भाई रविंद्र कुमार सिंह भी ऑर्डिनेंस डिपो में सूबेदार मेजर के पद पर तैनात हैं। छोटे भाई सत्येंद्र सिंह भी सेना में हैं। एक भाई महेंद्र सिंह की मौत हो चुकी है।
सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता प्रसिद्ध नारायण सिंह भारतीय सेना से वर्ष 1996 में सेवानिवृत्त हुए थे। उनका भी निधन हो चुका है। भूपेंद्र वर्ष 2003 में मात्र 18 वर्ष की आयु में सेना में भर्ती हुए थे। उनका विवाह वर्ष 2009 में हुआ था। उनकी बड़ी पुत्री शिल्पा सिंह (14), कक्षा 10 की छात्रा है। छोटा पुत्र शिवांश सिंह (08) कक्षा तीन का छात्र है। दोनों बच्चे अखनूर स्थित आर्मी स्कूल में पढ़ाई करते हैं। वह दोनों अपने माता-पिता के साथ वहीं रहते थे। बरुई गांव में शहीद की माता पुष्पा सिंह रहती हैं।
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उनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि भूपेंद्र का पार्थिव शरीर पैतृक गांव बरुई लाया जा रहा है। देर रात शव घर पहुंचने की संभावना है। मंगलवार को गांव के बरुई घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ शव अंतिम संस्कार किया जाएगा। सोमवार को एसडीएम प्रभात कुमार सिंह और सीओ आरके चतुर्वेदी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी गांव पहुंचे थे।
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परिजनों के अनुसार भूपेंद्र कुमार सिंह शनिवार रात ड्यूटी पर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। देर रात उनकी पत्नी रूबी सिंह के पास सेना के अधिकारियों का फोन आया। उन्हें बताया गया कि तबीयत खराब होने पर भूपेंद्र कुमार सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रविवार सुबह करीब नौ बजे उनकी मौत होने की जानकारी मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भूपेंद्र कुमार सिंह का परिवार लंबे समय से देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके बड़े भाई रविंद्र कुमार सिंह भी ऑर्डिनेंस डिपो में सूबेदार मेजर के पद पर तैनात हैं। छोटे भाई सत्येंद्र सिंह भी सेना में हैं। एक भाई महेंद्र सिंह की मौत हो चुकी है।
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सत्येंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता प्रसिद्ध नारायण सिंह भारतीय सेना से वर्ष 1996 में सेवानिवृत्त हुए थे। उनका भी निधन हो चुका है। भूपेंद्र वर्ष 2003 में मात्र 18 वर्ष की आयु में सेना में भर्ती हुए थे। उनका विवाह वर्ष 2009 में हुआ था। उनकी बड़ी पुत्री शिल्पा सिंह (14), कक्षा 10 की छात्रा है। छोटा पुत्र शिवांश सिंह (08) कक्षा तीन का छात्र है। दोनों बच्चे अखनूर स्थित आर्मी स्कूल में पढ़ाई करते हैं। वह दोनों अपने माता-पिता के साथ वहीं रहते थे। बरुई गांव में शहीद की माता पुष्पा सिंह रहती हैं।
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उनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि भूपेंद्र का पार्थिव शरीर पैतृक गांव बरुई लाया जा रहा है। देर रात शव घर पहुंचने की संभावना है। मंगलवार को गांव के बरुई घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ शव अंतिम संस्कार किया जाएगा। सोमवार को एसडीएम प्रभात कुमार सिंह और सीओ आरके चतुर्वेदी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी गांव पहुंचे थे।