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चीनी मिल कर्मियों का मिल पर 27 करोड़ रुपये बकाया

Tue, 17 Nov 2020 09:20 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2020 09:20 PM IST
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Sugar mill workers owe Rs 27 crore to the mill
सुल्तानपुर। जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल पर कर्मियों का बकाया करीब 27 करोड़ रुपये पहुंच गया है। पिछले 23 माह से चीनी मिल कर्मियों को वेतन नहीं मिल पाया है। बकाया वेतन नहीं मिलने से 325 चीनी मिल कर्मी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।
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पेराई सत्र में चीनी मिल के चलने पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। किसानों के खेतों में हजारों एकड़ गन्ने की फसल तैयार हो चुकी है। चीनी मिल कर्मी बकाया वेतन की मांग को लेकर मिल प्रशासन के साथ ही जिले के प्रभारी मंत्री व सांसद तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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कूरेभार विकासखंड के सैदपुर गांव में स्थित जिले की इकलौती सहकारी चीनी मिल में नए पेराई सत्र के संचालन पर संकट के बादल छाए हुए है। चीनी मिल में कार्यरत 101 स्थाई कर्मी, 172 सीजनल कर्मी, 22 डेली वेजेज कर्मी, 30 संविदा कर्मियों को मिलाकर 315 कर्मियों को गन्ना पेराई सत्र 2019-2020 को वेतन व मानदेय नहीं मिल पाया है।
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पिछले 23 माह से बकाया वेतन व मानदेय नहीं मिलने से चीनी मिल कर्मियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। चीनी मिल कर्मी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। जिले के आलाधिकारी से लेकर शासन स्तर के जिम्मेदार लोग मिल की समस्या को लेकर उदासीन बने हुए है।
बकाया वेतन व मानदेय की समस्या से जूझ रहे चीनी मिल कर्मी मिल प्रशासन को चेतावनी दे रहे हैं। इसके बावजूद कर्मियों को बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। चीनी मिल के संचालन पर छाए आर्थिक संकट का असर गन्ना की खेती करने वाले किसानों पर पड़ना तय माना जा रहा है।
किसानों के खेतों में गन्ने की फसल तैयार हो चुकी है। ऐसी स्थिति में चीनी मिल में गन्ने की पेराई शुरू होने में विलंब होने पर इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ेगा। जिले के काफी संख्या में किसान चीनी मिल के सहारे गन्ने की उपज को बेचने की आस संजोए हुए हैं। मिल में पेराई नहीं शुरू होने पर गाढ़ी कमाई से तैयार अपना गन्ना औने-पौने दामों पर क्रेशर पर देने को मजबूर हो जाएंगे।
चीनी मिल में कार्य कर रहे ट्रांसपोर्टरों व सप्लायरों को भी बकाया की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों का 31 लाख रुपये व सप्लायरों का 25 लाख रुपये मिल पर बकाया है। बकाया का भुगतान नहीं होने से उन्हें भी परेशानी हो रही है।
पूर्वांचल किसान सहकारी चीनी मिल मजदूर संघ के अध्यक्ष शकील अहमद व महामंत्री अवधेश सिंह बकाया वेतन व मानदेय की समस्या को लेकर आवाज उठा रहे हैं। वे बताते हैं कि मिल प्रशासन के साथ ही जिलाधिकारी, जिले के प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह व पूर्व मंत्री व जिले की सांसद मेनका गांधी तक बकाया वेतन नहीं मिलने की समस्या की जानकारी दी गई है। प्रभारी मंत्री व सांसद ने समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक कर्मियों को बकाया का भुगतान नहीं मिल पाया है।

किसान सहकारी चीनी मिल के जीएम एके सोनकर ने बताया कि चीनी मिल कर्मियों को बकाया वेतन दिलाने के लिए शासन को मांग पत्र भेजा गया है। चीनी मिल फेडरेशन को भी मामले की जानकारी दी गई है। शासन से आर्थिक मदद मिलने के बाद कर्मियों के बकाया का भुगतान करा दिया जाएगा।
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