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Sultanpur News: गन्ने के अभाव में 12 घंटे बंद रही चीनी मिल
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किसान सहकारी चीनी मिल।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल बृहस्पतिवार सुबह गन्ने के अभाव में बंद हो गई। दिन भर किसानों से संपर्क साधकर गन्ना इकट्ठा कराया गया। शाम करीब छह बजे 12 घंटे बाद गन्ने की पेराई फिर शुरू हुई। मिल को दोबारा चालू करने पर ईंधन समेत अन्य खर्च को मिलाकर करीब दो लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
चीनी मिल के पेराई सत्र का औपचारिक शुभारंभ छह दिसंबर को अधूरी तैयारियों के बीच करा दिया गया था। मरम्मत कार्य पूरा नहीं होने और पर्याप्त मात्रा में गन्ने के अभाव के कारण शुभारंभ होने के बाद मिल बंद हो गई थी। गत सोमवार की देर रात मिल में गन्ने की पेराई शुरू कराई गई थी। तीन दिन पेराई होने के बाद बृहस्पतिवार को सुबह होते-होते गन्ना समाप्त हो गया। सुबह करीब छह बजे मिल में पेराई कार्य बंद हो गया। चीनी मिल की ओर से किसानों से संपर्क स्थापित करके उनसे गन्ना पहुंचाने के लिए कहा गया है।
इसके बाद कुछ किसान अपना गन्ना लेकर चीनी मिल पहुंच गए। 12 घंटे बाद शाम करीब छह बजे गन्ने की पेराई शुरू करा दी गई। जानकार लोगों का कहना है कि मिल को दोबारा शुरू कराने पर ईंधन समेत अन्य खर्च मिलाकर करीब दो लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक प्रताप नारायण ने बताया कि सुबह छह बजे गन्ना समाप्त हो जाने के कारण पेराई बंद कराई गई है। किसानों से संपर्क करके गन्ना इकट्ठा कराकर पेराई शुरू करा दी गई है।
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किसानों को गन्ना पर्ची भेजने में गड़बड़ी
प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण चीनी मिल को गन्ने के अभाव का सामना करना पड़ा। गन्ना किसान पर्ची के लिए परेशान हैं लेकिन उन्हें चीनी मिल से समय पर पर्ची नहीं दी जा रही है। गन्ना पर्ची वितरण में देरी के कारण मिल में किसान पर्याप्त मात्रा में गन्ना मिल में नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
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चीनी मिल के पेराई सत्र का औपचारिक शुभारंभ छह दिसंबर को अधूरी तैयारियों के बीच करा दिया गया था। मरम्मत कार्य पूरा नहीं होने और पर्याप्त मात्रा में गन्ने के अभाव के कारण शुभारंभ होने के बाद मिल बंद हो गई थी। गत सोमवार की देर रात मिल में गन्ने की पेराई शुरू कराई गई थी। तीन दिन पेराई होने के बाद बृहस्पतिवार को सुबह होते-होते गन्ना समाप्त हो गया। सुबह करीब छह बजे मिल में पेराई कार्य बंद हो गया। चीनी मिल की ओर से किसानों से संपर्क स्थापित करके उनसे गन्ना पहुंचाने के लिए कहा गया है।
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इसके बाद कुछ किसान अपना गन्ना लेकर चीनी मिल पहुंच गए। 12 घंटे बाद शाम करीब छह बजे गन्ने की पेराई शुरू करा दी गई। जानकार लोगों का कहना है कि मिल को दोबारा शुरू कराने पर ईंधन समेत अन्य खर्च मिलाकर करीब दो लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक प्रताप नारायण ने बताया कि सुबह छह बजे गन्ना समाप्त हो जाने के कारण पेराई बंद कराई गई है। किसानों से संपर्क करके गन्ना इकट्ठा कराकर पेराई शुरू करा दी गई है।
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किसानों को गन्ना पर्ची भेजने में गड़बड़ी
प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण चीनी मिल को गन्ने के अभाव का सामना करना पड़ा। गन्ना किसान पर्ची के लिए परेशान हैं लेकिन उन्हें चीनी मिल से समय पर पर्ची नहीं दी जा रही है। गन्ना पर्ची वितरण में देरी के कारण मिल में किसान पर्याप्त मात्रा में गन्ना मिल में नहीं पहुंचा पा रहे हैं।