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Sultanpur News: पेट के ट्यूमर और पित्त की नली की जटिल बीमारी का सफल ऑपरेशन
Sat, 01 Aug 2026 12:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:04 AM IST
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सुल्तानपुर। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (एएसएमसी) के सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग ने दो जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर मरीजों को नई जिंदगी दी है। इलाज के बाद दोनों मरीज पूरी तरह स्वस्थ होने पर अस्पताल से घर भेज दिए गए।
पहला ऑपरेशन 10 जुलाई को प्रभु देवी का किया गया। उनके पेट (आमाशय) में ट्यूमर था। डॉक्टरों ने ट्यूमर वाले हिस्से को निकालकर छोटी आंत की मदद से भोजन के लिए नया रास्ता तैयार किया। ऑपरेशन सफल रहा और मरीज अब स्वस्थ हैं। दूसरा ऑपरेशन पांच जून को मीरा का किया गया। उन्हें पित्त नली की गंभीर बीमारी थी, जिससे पित्त का सामान्य प्रवाह बाधित हो गया था। डॉक्टरों ने पित्त नली को छोटी आंत से जोड़कर समस्या का सफल इलाज किया।
ऑपरेशन के बाद हालत में लगातार सुधार हुआ और छुट्टी दे दी गई। दोनों ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. सुकेश और डॉ. सुयश ने किया। प्रो. आरके तिवारी के मार्गदर्शन में डॉ. राधिका और डॉ. अभिषेक कनौजिया ने अहम भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. दीपिका और डॉ. राजेश की टीम ने ऑपरेशन के दौरान मरीजों की देखभाल की। सर्जिकल टीम ने इस सफलता का श्रेय प्राचार्य डॉ. प्रियांक वर्मा और विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज जैन के सहयोग व मार्गदर्शन को दिया।
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दूसरा ऑपरेशन पांच जून को मीरा का किया गया। उन्हें पित्त नली की गंभीर बीमारी थी, जिससे पित्त का सामान्य प्रवाह बाधित हो गया था। डॉक्टरों ने पित्त नली को छोटी आंत से जोड़कर समस्या का सफल इलाज किया। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत में लगातार सुधार हुआ। दोनों ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. सुकेश और डॉ. सुयश ने किया। प्रो. आरके तिवारी के मार्गदर्शन में डॉ. राधिका और डॉ. अभिषेक कनौजिया ने भी अहम भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. दीपिका और डॉ. राजेश की टीम ने ऑपरेशन के दौरान मरीजों की देखभाल की। सर्जिकल टीम ने इस सफलता का श्रेय प्राचार्य डॉ. प्रियांक वर्मा और विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज जैन के सहयोग व मार्गदर्शन को दिया।
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पहला ऑपरेशन 10 जुलाई को प्रभु देवी का किया गया। उनके पेट (आमाशय) में ट्यूमर था। डॉक्टरों ने ट्यूमर वाले हिस्से को निकालकर छोटी आंत की मदद से भोजन के लिए नया रास्ता तैयार किया। ऑपरेशन सफल रहा और मरीज अब स्वस्थ हैं। दूसरा ऑपरेशन पांच जून को मीरा का किया गया। उन्हें पित्त नली की गंभीर बीमारी थी, जिससे पित्त का सामान्य प्रवाह बाधित हो गया था। डॉक्टरों ने पित्त नली को छोटी आंत से जोड़कर समस्या का सफल इलाज किया।
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ऑपरेशन के बाद हालत में लगातार सुधार हुआ और छुट्टी दे दी गई। दोनों ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. सुकेश और डॉ. सुयश ने किया। प्रो. आरके तिवारी के मार्गदर्शन में डॉ. राधिका और डॉ. अभिषेक कनौजिया ने अहम भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. दीपिका और डॉ. राजेश की टीम ने ऑपरेशन के दौरान मरीजों की देखभाल की। सर्जिकल टीम ने इस सफलता का श्रेय प्राचार्य डॉ. प्रियांक वर्मा और विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज जैन के सहयोग व मार्गदर्शन को दिया।
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दूसरा ऑपरेशन पांच जून को मीरा का किया गया। उन्हें पित्त नली की गंभीर बीमारी थी, जिससे पित्त का सामान्य प्रवाह बाधित हो गया था। डॉक्टरों ने पित्त नली को छोटी आंत से जोड़कर समस्या का सफल इलाज किया। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत में लगातार सुधार हुआ। दोनों ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. सुकेश और डॉ. सुयश ने किया। प्रो. आरके तिवारी के मार्गदर्शन में डॉ. राधिका और डॉ. अभिषेक कनौजिया ने भी अहम भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. दीपिका और डॉ. राजेश की टीम ने ऑपरेशन के दौरान मरीजों की देखभाल की। सर्जिकल टीम ने इस सफलता का श्रेय प्राचार्य डॉ. प्रियांक वर्मा और विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज जैन के सहयोग व मार्गदर्शन को दिया।