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Sultanpur News: लंबी कतारें..यूरिया की तलाश में मिलती मायूसी
Sat, 25 Jul 2026 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:09 AM IST
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यूरिया लेने के लिए ग्रामीणाें की लगी कतार।
सुल्तानपुर। सुबह के आठ बजते ही कटका खानपुर पीसीएफ गोदाम के बाहर किसानों की कतार लगनी शुरू हो गई। हर कोई अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। दोपहर बाद भी कतार छोटी नहीं हुई। कुछ देर बाद गोदाम से सूचना आई कि 400 बोरी यूरिया का स्टॉक खत्म हो गया है। कतार में खड़े दर्जनों किसानों की उम्मीद भी टूट गई। कई किसान मायूस होकर खाली हाथ लौट गए।
कटका खानपुर पीसीएफ गोदाम पर अशोक कुमार पांडेय, अर्जुन प्रसाद वर्मा, शिवसागर और वंशराज जैसे किसान सुबह से लाइन में लगे थे। उनका कहना था कि धान की पहली टॉप ड्रेसिंग का समय निकल रहा है, लेकिन खाद नहीं मिल रही। केंद्र प्रभारी सुरेंद्र मिश्र ने बताया कि उपलब्ध पूरा स्टॉक वितरित कर दिया गया है।
कुड़वार सहकारी संघ पर स्टॉक तो था, लेकिन नई व्यवस्था किसानों के लिए नई परेशानी लेकर आई। फार्मर आईडी, आधार सत्यापन और ई-पॉश मशीन की प्रक्रिया में कई किसानों के दस्तावेज अटक गए। सरकौड़ा के राम सिंह खतौनी में नाम दर्ज न होने से लौट गए, जबकि रमजान की फार्मर रजिस्ट्री पूरी नहीं थी। कई किसानों की बारी आई, लेकिन कागजी अड़चन के कारण खाद नहीं मिल सकी।
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कूरेभार क्षेत्र की बेला न्याय पंचायत समिति पर हालात और अलग मिले। समिति के मुख्य गेट पर ताला लटका था। दूर-दराज से पहुंचे किसान लौटने को मजबूर थे। किसानों ने बताया कि लगातार तीसरे दिन समिति बंद है। दूसरी ओर जुड़ापट्टी और भिखरपुर समितियों पर 500-500 बोरी यूरिया पहुंच चुकी है, लेकिन वितरण शनिवार से शुरू होगा। किसान तिलक वर्मा ने बताया कि खेत में खाद डालने का समय निकल रहा है, लेकिन पूरा दिन लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
नई खेप भेजी जा रही, घबराएं नहीं किसान
जिला कृषि अधिकारी राजपति शुक्ल ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। जिन केंद्रों पर स्टॉक समाप्त हुआ है, वहां नई खेप भेजी जा रही है। किसानों से आवश्यकता के अनुसार ही खाद खरीदने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।
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कटका खानपुर पीसीएफ गोदाम पर अशोक कुमार पांडेय, अर्जुन प्रसाद वर्मा, शिवसागर और वंशराज जैसे किसान सुबह से लाइन में लगे थे। उनका कहना था कि धान की पहली टॉप ड्रेसिंग का समय निकल रहा है, लेकिन खाद नहीं मिल रही। केंद्र प्रभारी सुरेंद्र मिश्र ने बताया कि उपलब्ध पूरा स्टॉक वितरित कर दिया गया है।
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कुड़वार सहकारी संघ पर स्टॉक तो था, लेकिन नई व्यवस्था किसानों के लिए नई परेशानी लेकर आई। फार्मर आईडी, आधार सत्यापन और ई-पॉश मशीन की प्रक्रिया में कई किसानों के दस्तावेज अटक गए। सरकौड़ा के राम सिंह खतौनी में नाम दर्ज न होने से लौट गए, जबकि रमजान की फार्मर रजिस्ट्री पूरी नहीं थी। कई किसानों की बारी आई, लेकिन कागजी अड़चन के कारण खाद नहीं मिल सकी।
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कूरेभार क्षेत्र की बेला न्याय पंचायत समिति पर हालात और अलग मिले। समिति के मुख्य गेट पर ताला लटका था। दूर-दराज से पहुंचे किसान लौटने को मजबूर थे। किसानों ने बताया कि लगातार तीसरे दिन समिति बंद है। दूसरी ओर जुड़ापट्टी और भिखरपुर समितियों पर 500-500 बोरी यूरिया पहुंच चुकी है, लेकिन वितरण शनिवार से शुरू होगा। किसान तिलक वर्मा ने बताया कि खेत में खाद डालने का समय निकल रहा है, लेकिन पूरा दिन लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
नई खेप भेजी जा रही, घबराएं नहीं किसान
जिला कृषि अधिकारी राजपति शुक्ल ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। जिन केंद्रों पर स्टॉक समाप्त हुआ है, वहां नई खेप भेजी जा रही है। किसानों से आवश्यकता के अनुसार ही खाद खरीदने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है।

यूरिया लेने के लिए ग्रामीणाें की लगी कतार।

यूरिया लेने के लिए ग्रामीणाें की लगी कतार।