सुल्तानपुर। शारदीय नवरात्र के छठे दिन शनिवार को घरों और देवी मंदिरों में माता रानी के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की आराधना की गई। शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र के देवी मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। देवी मां को फल, फूल और मिष्ठान चढ़ाकर सुख समृद्धि की कामना की। शहर के रुद्र नगर स्थित नयना माता मंदिर, शाहगंज चौराहा स्थित काली माता मंदिर में सुबह-शाम आरती के समय शहरवासियों की भीड़ लग रही है। लोहरामऊ भवानी धाम में भोर चार बजते ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। मंदिर का द्वार खुलते ही श्रद्धालुओं ने जयकारा लगाते हुए माता रानी के दर्शन किए।
मां स्कंदमाता का स्वरूप और महत्व
पं. रामकिशोर त्रिपाठी बताते हैं कि मां स्कंदमाता को सिंह पर सवार और चार भुजाओं वाली देवी के रूप में वर्णित किया गया है। उनके विग्रह में बालरूप भगवान कार्तिकेय गोद में विराजमान रहते हैं। एक हाथ से वे वरद मुद्रा में आशीर्वाद देती हैं, जबकि अन्य दो हाथों में कमल धारण करती हैं। वे कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं। इसलिए इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है।