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Sultanpur News: एक साल से फरार सिराज पुलिस-एसटीएफ की टीमों पर भारी
Tue, 06 Aug 2024 03:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 06 Aug 2024 03:24 AM IST
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सुल्तानपुर। कभी पुलिस अधिकारियों के खास की श्रेणी में शामिल हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमद जब अधिवक्ता की हत्या करके फरार हुआ तो पुलिस उसे तलाशने में फेल हो गई। अधिवक्ता आजाद अहमद की हत्या को एक साल पूरे हो गए, लेकिन एक लाख का इनामी सिराज पुलिस और एसटीएफ की टीमों के हाथ नहीं आया। पहले आए दिन उसकी गिरफ्तारी के दावे करने वाले अधिकारी अब उसे पुलिस की चिंता बताकर बात को टालते नजर आते हैं।
छह अगस्त 2023 को कोतवाली देहात के भुलकी चौराहे पर अधिवक्ता आजाद अहमद और उनके भाई मुनव्वर अहमद पर गोलियां बरसाई गई थीं, जिसमें आजाद अहमद की मौत हो गई थी, जबकि मुनव्वर के पेट और पैर में गोली लगी थी, जिसका इलाज वह आज तक करवा रहे हैं। इस घटना का मुख्य आरोपी कोतवाली देहात के गांव लोलेपुर का निवासी सिराज अहमद है, जो इस घटना के बाद से ही फरार चल रहा है। इस घटना से पहले हिस्ट्रीशीटर होने के बावजूद तत्कालीन पुलिसकर्मियों से उसके बेहद करीबी रिश्ते थे और कोतवाली में उसका खूब उठना-बैठना था। किंतु इस घटना के बाद वह फरार हुआ तो फिर पुलिस उसे तलाश नहीं पाई। उस पर एक लाख का इनाम घोषित हुआ और उसे तलाशने के लिए प्रदेश सरकार ने एसटीएफ को भी जिम्मा सौंपा, लेकिन कामयाबी हाथ नहीं आई।
इस बीच अधिवक्ता का परिवार घायल मुनव्वर के इलाज में लाखों खर्च कर कर्ज के जाल में फंसता गया। पिता सलीम कहते हैं कि नौ लाख रुपये से जयादा इलाज पर खर्च हो चुके हैं। जगह-जगह कर्ज हो गया है। कमाने वाले दोनों बेटों में एक की हत्या हो गई, दूसरा इलाज करवा रहा है। सिराज के खौफ से कहीं आना-जाना मुश्किल है। क्योंकि उसके साथी आज भी धमकाते हैं। यह बात पुलिस प्रशासन को कई बार बताई जा चुकी है, किंतु मदद नहीं मिली।
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बस एक बार योगी से मुलाकात हो जाए
अधिवक्ता आजाद अहमद के पिता साफ कहते हैं कि पुलिस से साठगांठ के कारण ही सिराज पकड़ा नहीं जा सका है। वे कहते हैं कि वे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक तक अपना दुखड़ा सुना चुके हैं। बस एक बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपना दर्द कहना चाहते हैं।
सुरक्षा पर जाया हो रही पुलिस की ताकत
अधिवक्ता के परिवार की सुरक्षा में पुलिस अधिकारियों ने एक सिपाही दिन में और एक रात में तैनात किया है। वहीं सिराज अहमद पर पूर्व में केस दर्ज कराने वाले उसके पड़ोसी जावेद अहमद भी सहमे रहते हैं। उनके घर पर भी सुरक्षा के लिहाज से एक दरोगा और दो सिपाहियों की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगती है। यदि सिराज पकड़ा जाए तो पुलिस की यह ताकत अपराध नियंत्रण में खर्च हो।
सिराज पुलिस की चिंता का विषय : एसपी
सिराज अहमद की गिरफ्तारी एक साल से नहीं हो पा रही है? इस सवाल पर पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा कहते हैं कि सिराज अहमद पुलिस की चिंता है। उसके लिए जो किया जा सकता है, किया जा रहा है।
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छह अगस्त 2023 को कोतवाली देहात के भुलकी चौराहे पर अधिवक्ता आजाद अहमद और उनके भाई मुनव्वर अहमद पर गोलियां बरसाई गई थीं, जिसमें आजाद अहमद की मौत हो गई थी, जबकि मुनव्वर के पेट और पैर में गोली लगी थी, जिसका इलाज वह आज तक करवा रहे हैं। इस घटना का मुख्य आरोपी कोतवाली देहात के गांव लोलेपुर का निवासी सिराज अहमद है, जो इस घटना के बाद से ही फरार चल रहा है। इस घटना से पहले हिस्ट्रीशीटर होने के बावजूद तत्कालीन पुलिसकर्मियों से उसके बेहद करीबी रिश्ते थे और कोतवाली में उसका खूब उठना-बैठना था। किंतु इस घटना के बाद वह फरार हुआ तो फिर पुलिस उसे तलाश नहीं पाई। उस पर एक लाख का इनाम घोषित हुआ और उसे तलाशने के लिए प्रदेश सरकार ने एसटीएफ को भी जिम्मा सौंपा, लेकिन कामयाबी हाथ नहीं आई।
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इस बीच अधिवक्ता का परिवार घायल मुनव्वर के इलाज में लाखों खर्च कर कर्ज के जाल में फंसता गया। पिता सलीम कहते हैं कि नौ लाख रुपये से जयादा इलाज पर खर्च हो चुके हैं। जगह-जगह कर्ज हो गया है। कमाने वाले दोनों बेटों में एक की हत्या हो गई, दूसरा इलाज करवा रहा है। सिराज के खौफ से कहीं आना-जाना मुश्किल है। क्योंकि उसके साथी आज भी धमकाते हैं। यह बात पुलिस प्रशासन को कई बार बताई जा चुकी है, किंतु मदद नहीं मिली।
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बस एक बार योगी से मुलाकात हो जाए
अधिवक्ता आजाद अहमद के पिता साफ कहते हैं कि पुलिस से साठगांठ के कारण ही सिराज पकड़ा नहीं जा सका है। वे कहते हैं कि वे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक तक अपना दुखड़ा सुना चुके हैं। बस एक बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपना दर्द कहना चाहते हैं।
सुरक्षा पर जाया हो रही पुलिस की ताकत
अधिवक्ता के परिवार की सुरक्षा में पुलिस अधिकारियों ने एक सिपाही दिन में और एक रात में तैनात किया है। वहीं सिराज अहमद पर पूर्व में केस दर्ज कराने वाले उसके पड़ोसी जावेद अहमद भी सहमे रहते हैं। उनके घर पर भी सुरक्षा के लिहाज से एक दरोगा और दो सिपाहियों की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगती है। यदि सिराज पकड़ा जाए तो पुलिस की यह ताकत अपराध नियंत्रण में खर्च हो।
सिराज पुलिस की चिंता का विषय : एसपी
सिराज अहमद की गिरफ्तारी एक साल से नहीं हो पा रही है? इस सवाल पर पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा कहते हैं कि सिराज अहमद पुलिस की चिंता है। उसके लिए जो किया जा सकता है, किया जा रहा है।