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उम्मीदों का बजट : सुल्तानपुर ने टटोली अपनी हिस्सेदारी

Thu, 12 Feb 2026 02:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Thu, 12 Feb 2026 02:34 AM IST
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rupeey facelties district
सुल्तानपुर। आम बजट में भले ही जिले के लिए कोई बड़ी परियोजना सीधे घोषित न हुई हो, लेकिन सरकार की विभिन्न योजनाओं का असर जिले पर भी पड़ने की उम्मीद है। बजट में किए गए प्रावधानों से जिले की करीब 29 लाख आबादी को अलग-अलग क्षेत्रों में लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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डीजल पंपों को सोलर पंप में बदलने की घोषणा से जिले के करीब 15 हजार किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं दवाओं की कीमतों में कमी से जिले के 235 से अधिक कैंसर जैसी गंभीर बीमार से जूझ रहे मरीजों को इलाज में सहूलियत मिल सकती है।
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रोजगार बढ़ाने के सरकारी वादों से जिले के लगभग 45 हजार बेरोजगार युवाओं को नई उम्मीद जगी है, जो लंबे समय से रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं।

्मोतिगरपुर व करौंदीकला में कस्तूरबा विद्यालय की उम्मीद
बजट में नए कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय खोलने की घोषणा से जिले के करौंदीकला और मोतिगरपुर में इनके निर्माण की संभावना बढ़ी है। इसके अलावा दो मुख्यमंत्री मॉडल विद्यालय बनने से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी। इनमें एक विद्यालय के लिए हलियापुर का चयन पहले ही हो चुका है। साथ ही दो मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय की भी सौगात मिलेगी, जिनमें एक मोतिगरपुर के छिंदुवारी में निर्माणाधीन है।
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स्कूटी योजना से बेटियों की पढ़ाई को मिलेगी रफ्तार
उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा जिले की बेटियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। इस योजना से सुल्तानपुर की करीब 35 हजार छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है। परिवहन की समस्या के कारण जो छात्राएं कॉलेज या विश्वविद्यालय तक नियमित नहीं पहुंच पाती थीं, उनके लिए यह योजना पढ़ाई जारी रखने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।

ट्रॉमा सेंटर के बेहतर संचालन की जगी उम्मीद
अमहट स्थित ट्रॉमा सेंटर में फिलहाल दुर्घटना पीड़ितों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करना पड़ता है। बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और ट्रॉमा सेंटर के उच्चीकरण के संकेत से लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में गंभीर मरीजों का इलाज जिले में ही संभव हो सकेगा।

चीनी मिल के जीर्णोद्धार की आस फिर अधूरी
जिले की सहकारी चीनी मिल के जीर्णोद्धार को लेकर इस बार भी बजट में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया। हालांकि गन्ना किसानों के लिए योजनाओं और बजट बढ़ाने की बात कही गई है। बंद पड़ी चीनी मिल पर किसानों में निराशा है।

किसान आत्माराम ने बताया कि इस बार भी उम्मीद थी कि मिल के संचालन को लेकर ठोस घोषणा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। किसान रामसुख ने कहा कि पूर्व सांसद मेनका गांधी के लिए चुनाव प्रचार में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी मिल के मरम्मत कर सुचारू संचालन का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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