फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   Room collapsed in Sultanpur amid rain wife died while husband condition is critical

Sultanpur News: बारिश के बीच ढहा कमरा, पत्नी की मौत... पति की हालत नाजुक; मां की लाश देख चीख उठा इकलौता बेटा

Sat, 09 Aug 2025 06:06 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 09 Aug 2025 06:06 PM IST
सार

यूपी के सुल्तानपुर में बारिश के बीच एक कमरा ढह गया। मलबे में दबकर पत्नी की मौत हो गई। जबकि, पति अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। मां की लाश देखकर इकलौता बेटा चीख उठा। 

विज्ञापन
Room collapsed in Sultanpur amid rain wife died while husband condition is critical
बारिश के बीच ढहा कमरा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

यूपी के सुल्तानपुर में लगातार बारिश के बीच गुरुवार की आधी रात 2:30 बजे एक जर्जर कमरा भरभराकर ढह गया। मलबे में दबकर महिला की मौत हो गई। जबकि, पति की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना से इकलौता बेटा चीख उठा। ग्रामीण परेशान बेटे को ढांढस बंधाते रहे।

विज्ञापन


घटना कोतवाली देहात क्षेत्र के नरायनपुर मजरे बिसानी गांव की है। गांव निवासी पार्वती यादव (60) की मलबे में दबकर मौत हुई है। जबकि, उनके पति रामप्यारे यादव (62) की हालत नाजुक बनी हुई है। रात में सोते समय कमरे ढहने से दोनों मलबे में दब गए थे। चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों ने दोनों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां सुबह करीब 5.30 बजे पार्वती ने दम तोड़ दिया।    
विज्ञापन


ग्रामीणों ने राजस्व कर्मियों और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना पर हल्का लेखपाल अमित सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। प्रभारी निरीक्षक अखंडदेव मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

परिवार की हालत दयनीय

गरीबी का दंश झेल रहे रामप्यारे यादव के तीन बच्चे हैं। दो पुत्रियों में बड़ी पुत्री अनीता की मौत एक दशक पूर्व बीमारी की वजह से हो गई थी। दूसरी पुत्री सुनीता की शादी हो गई है। वह अपने ससुराल में है। इकलौते बेटे विजय बहादुर यादव (40) की शादी हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही उसकी पत्नी मायके चली गई। वापस न आकर दूसरी शादी कर ली। 

भैया दो जून की रोटी अब के देई

बताया गया कि विजय को कोई संतान नहीं है। वह मजदूरी करके अपना व वृद्ध माता-पिता का जीविकोपार्जन करता था।  मां के गम में विजय फफक-फफक कर रोते हुए कहता रहा कि भैया मां के हाथ से बनी दो जून की मिलने वाली रोटी अब के देई, अब कोई सहारा नहीं बचा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed