फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   A web of wires overhead, the looming silhouettes of Durga Puja pandals.

Sultanpur News: ऊपर तारों का जाल, दुर्गा पंडालों का घटा आकार

Wed, 14 Oct 2026 12:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Wed, 14 Oct 2026 12:56 AM IST
विज्ञापन
A web of wires overhead, the looming silhouettes of Durga Puja pandals.
पयागीपुर चौराहे पर बने पंडाल के बगल से गुजरी एचटी लाइन। संवा
सुल्तानपुर। मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी के बीच शहर के दुर्गा पूजा पंडालों पर बिजली के तारों का खतरा मंडरा रहा है। कहीं हाईटेंशन लाइन पंडाल के ठीक ऊपर से गुजर रही है तो कहीं सजावट के दौरान तार सिर के बेहद करीब हैं। हादसे की आशंका के चलते पूजा समितियों को पंडाल और प्रतिमाओं की ऊंचाई तक घटानी पड़ रही है। जिन स्थानों पर पहले 20 फीट ऊंचे पंडाल बनते थे, वहां अब 10 फीट या उससे कम ऊंचाई में काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन

शहर में 130 से अधिक पूजा पंडाल स्थापित होते हैं। इनमें 50 से ज्यादा स्थानों पर बिजली की लाइनें सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई हैं। चौक के ठठेरीबाजार में बड़ी दुर्गा का पंडाल इसका उदाहरण है। यहां पंडाल से महज तीन फीट ऊपर हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। समिति के उपाध्यक्ष दिनेश चौरसिया ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से दर्जनों सदस्य सजावट में जुटे हैं। तारों के इतने करीब काम करना जोखिम भरा है।
विज्ञापन


तारों पर चढ़ाए प्लास्टिक पाइप
पयागीपुर समिति के सत्यवीर यादव ने बताया कि बचाव के लिए हाईटेंशन तारों के कुछ हिस्सों पर प्लास्टिक पाइप चढ़ाए गए हैं। जिससे खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। पयागीपुर, शाहगंज, गंदानाला रोड, चौक, ठठेरीबाजार, मुरारीदास गली, सब्जीमंडी और गभड़िया समेत 50 से अधिक स्थानों पर बिजली की लाइनें पंडालों के आसपास से गुजर रही हैं। अधिशासी अभियंता अश्वनी कुमार वर्मा ने बताया कि बिजली के तारों की केबलिंग के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। तारों को कसवाने और पेड़ों की टहनियों की छंटाई का काम कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



बिजली की लाइन के नीचे न बनाएं पंडाल पंडाल के चारों ओर 4.5 मीटर खुला स्थान रखने और बिजली की लाइन के नीचे पंडाल नहीं बनाने के निर्देश हैं। रेलवे लाइन, बिजली उपकेंद्र, चिमनी या भट्ठी से पंडाल की दूरी कम से कम 15 मीटर होनी चाहिए। निकास द्वार पांच मीटर चौड़ा और आर्च की ऊंचाई कम से कम पांच मीटर होनी चाहिए। निकास का रास्ता गुफानुमा नहीं होना चाहिए। प्रत्येक 12 कुर्सियों के बाद 1.5 मीटर जगह छोड़ने और कुर्सियां किनारों पर पर्याप्त स्थान रखते हुए लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed