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Sultanpur News: पिता के वचन निभाने वन को चले प्रभु श्रीराम
Sun, 18 Oct 2026 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:42 AM IST
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सीताकुंड तट के पास केवट-श्रीराम संवाद का मंचन करते कलाकार। स्रोत-समिति
सुल्तानपुर। श्रीरामलीला ट्रस्ट समिति की ओर से संत तुलसीदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रामलीला मैदान में चल रहे रामलीला महोत्सव के नौवें दिन शुक्रवार को भगवान श्रीराम के वनगमन का भावपूर्ण मंचन किया गया। अयोध्या से आए कलाकारों ने कैकेयी के दो वरदान, श्रीराम के वनवास और केवट संवाद के प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
मंचन में दिखाया गया कि देवासुर संग्राम में कैकेयी ने रथ की निकली कील की जगह अपनी उंगली लगाकर राजा दशरथ की रक्षा की थी। इस बात से प्रसन्न होकर दशरथ ने उन्हें दो वरदान दिए। राम के राज्याभिषेक की तैयारी के समय मंथरा ने कैकेयी को भरत के लिए राजगद्दी और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगने के लिए उकसाया। पिता के वचन निभाने के लिए श्रीराम वन को प्रस्थान कर गए। इस मौके पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह, हरिव्रत मिश्र, राजमणि द्विवेदी, राजेश तिवारी, दीपक मिश्र, राज द्विवेदी, सुषमा मिश्रा, सतीश कुमार त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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मंचन में दिखाया गया कि देवासुर संग्राम में कैकेयी ने रथ की निकली कील की जगह अपनी उंगली लगाकर राजा दशरथ की रक्षा की थी। इस बात से प्रसन्न होकर दशरथ ने उन्हें दो वरदान दिए। राम के राज्याभिषेक की तैयारी के समय मंथरा ने कैकेयी को भरत के लिए राजगद्दी और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगने के लिए उकसाया। पिता के वचन निभाने के लिए श्रीराम वन को प्रस्थान कर गए। इस मौके पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह, हरिव्रत मिश्र, राजमणि द्विवेदी, राजेश तिवारी, दीपक मिश्र, राज द्विवेदी, सुषमा मिश्रा, सतीश कुमार त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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