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Sultanpur News: फैसला सुन मुस्कुराए राहुल... जज को कहा-थैंक्यू
Tue, 27 Oct 2026 01:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:22 AM IST
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एमपीएमएलए कोर्ट में पेश होने जाते राहुल गांधी।
सुल्तानपुर। मानहानि के मुकदमे में दोषमुक्त होने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व रायबरेली सांसद राहुल गांधी के चेहरे पर मुस्कान दिखी। फैसला सुनाने वाले न्यायाधीश शुभम वर्मा को उन्होंने थैंक्यू कहा और अनुमति के बाद अदालत से बाहर निकल गए। बाहर समर्थकों की भीड़ उनका इंतजार कर रही थी। राहुल के बाहर आते ही ढोल-नगाड़े बजने लगे, पटाखे फूटे और नारे गूंजने लगे।
सोमवार सुबह करीब 11:10 बजे राहुल गांधी कड़ी सुरक्षा के बीच दीवानी न्यायालय परिसर पहुंचे। उन्हें देखने और उनका अभिवादन करने के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी थी। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें अदालत कक्ष तक ले जाने में मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान राहुल गाड़ी के भीतर से ही हाथ जोड़कर समर्थकों का अभिवादन करते रहे।
जिले में प्रवेश करते ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कूरेभार के मुजेश के पास भी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। राहुल ने समर्थकों से हाथ मिलाया। राहुल गांधी अपने अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आरएस चीमा के साथ अदालत कक्ष में पहुंचे। सुनवाई के दौरान वह शांत भाव से बैठे रहे। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि गवाहों के बयानों में विरोधाभास है और आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। ऐसे में राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत मानहानि के अपराध से दोषमुक्त कर दिया गया।
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वीडियो बनाने पर समर्थक को फटकार
अदालत कक्ष में कार्यवाही के दौरान एक समर्थक वीडियो बनाने लगा। इस पर न्यायाधीश ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि कैमरा कैसे चालू हुआ और सुरक्षा कर्मी क्या कर रहे हैं। सुरक्षा टीम ने कैमरा बंद कराया। समर्थक के माफी मांगने के बाद कार्यवाही आगे बढ़ी। भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने राहुल गांधी को दोषमुक्त किए जाने के फैसले पर असंतोष जताया।
उन्होंने सूरत के पूर्णेश मोदी और मीनाक्षी लेखी से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राहुल गांधी को मानहानि के लिए जिम्मेदार माना जाना चाहिए था। अधिवक्ता ने कहा कि फैसले का अध्ययन करने के बाद सेशन कोर्ट में आपराधिक अपील दाखिल की जाएगी।
फैसले के खिलाफ अपील की भी थी तैयारी
राहुल गांधी के खिलाफ फैसला आने की स्थिति में जमानत की तैयारी पहले से की गई थी। इसके लिए संजय सिंह और केशरी मिश्र को जमानतदार बनाते हुए बेलबांड भरने की तैयारी पूरी थी। अदालत ने राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।
मानहानि मुकदमे में कब-कब, क्या हुआ
8 मई 2018: बंगलूरू में राहुल गांधी ने अमित शाह पर कथित विवादित टिप्पणी की।
15 जुलाई 2018: भाजपा नेता विजय मिश्रा ने बयान से क्षुब्ध होने की बात कही।
4 अगस्त 2018: एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया।
29 अगस्त 2018: विजय मिश्रा का बयान दर्ज हुआ।
27 नवंबर 2023: राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब करने का आदेश हुआ।
20 फरवरी 2024: राहुल गांधी ने आत्मसमर्पण कर जमानत ली।
26 जुलाई 2024: राहुल गांधी का बतौर आरोपी बयान दर्ज हुआ।
9 अक्तूबर 2024: साक्ष्य दर्ज करने की कार्यवाही शुरू हुई।
9 सितंबर 2025: गवाह अनिल कुमार मिश्रा का बयान दर्ज हुआ।
23 दिसंबर 2025: गवाह रामचंद्र दूबे का बयान दर्ज हुआ।
20 फरवरी 2026: राहुल का दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत बयान दर्ज हुआ।
12 मार्च 2026: परिवादी ने आवाज के नमूने का मिलान कराने की अर्जी दी।
2 मई 2026: मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आवाज मिलान की अर्जी खारिज की।
15 जुलाई 2026: सेशन कोर्ट ने निगरानी याचिका खारिज की।
10 सितंबर 2026: हाईकोर्ट ने परिवादी की याचिका खारिज की।
21 सितंबर 2026: अंतिम बहस के लिए तिथि नियत हुई।
13 अक्तूबर 2026: बहस पूरी हुई और फैसला सुरक्षित रखा गया।
26 अक्तूबर 2026: अदालत ने राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।
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सोमवार सुबह करीब 11:10 बजे राहुल गांधी कड़ी सुरक्षा के बीच दीवानी न्यायालय परिसर पहुंचे। उन्हें देखने और उनका अभिवादन करने के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी थी। सुरक्षाकर्मियों को उन्हें अदालत कक्ष तक ले जाने में मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान राहुल गाड़ी के भीतर से ही हाथ जोड़कर समर्थकों का अभिवादन करते रहे।
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जिले में प्रवेश करते ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कूरेभार के मुजेश के पास भी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। राहुल ने समर्थकों से हाथ मिलाया। राहुल गांधी अपने अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आरएस चीमा के साथ अदालत कक्ष में पहुंचे। सुनवाई के दौरान वह शांत भाव से बैठे रहे। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि गवाहों के बयानों में विरोधाभास है और आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। ऐसे में राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत मानहानि के अपराध से दोषमुक्त कर दिया गया।
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वीडियो बनाने पर समर्थक को फटकार
अदालत कक्ष में कार्यवाही के दौरान एक समर्थक वीडियो बनाने लगा। इस पर न्यायाधीश ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि कैमरा कैसे चालू हुआ और सुरक्षा कर्मी क्या कर रहे हैं। सुरक्षा टीम ने कैमरा बंद कराया। समर्थक के माफी मांगने के बाद कार्यवाही आगे बढ़ी। भाजपा नेता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने राहुल गांधी को दोषमुक्त किए जाने के फैसले पर असंतोष जताया।
उन्होंने सूरत के पूर्णेश मोदी और मीनाक्षी लेखी से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राहुल गांधी को मानहानि के लिए जिम्मेदार माना जाना चाहिए था। अधिवक्ता ने कहा कि फैसले का अध्ययन करने के बाद सेशन कोर्ट में आपराधिक अपील दाखिल की जाएगी।
फैसले के खिलाफ अपील की भी थी तैयारी
राहुल गांधी के खिलाफ फैसला आने की स्थिति में जमानत की तैयारी पहले से की गई थी। इसके लिए संजय सिंह और केशरी मिश्र को जमानतदार बनाते हुए बेलबांड भरने की तैयारी पूरी थी। अदालत ने राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।
मानहानि मुकदमे में कब-कब, क्या हुआ
8 मई 2018: बंगलूरू में राहुल गांधी ने अमित शाह पर कथित विवादित टिप्पणी की।
15 जुलाई 2018: भाजपा नेता विजय मिश्रा ने बयान से क्षुब्ध होने की बात कही।
4 अगस्त 2018: एमपी-एमएलए कोर्ट में परिवाद दाखिल किया गया।
29 अगस्त 2018: विजय मिश्रा का बयान दर्ज हुआ।
27 नवंबर 2023: राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब करने का आदेश हुआ।
20 फरवरी 2024: राहुल गांधी ने आत्मसमर्पण कर जमानत ली।
26 जुलाई 2024: राहुल गांधी का बतौर आरोपी बयान दर्ज हुआ।
9 अक्तूबर 2024: साक्ष्य दर्ज करने की कार्यवाही शुरू हुई।
9 सितंबर 2025: गवाह अनिल कुमार मिश्रा का बयान दर्ज हुआ।
23 दिसंबर 2025: गवाह रामचंद्र दूबे का बयान दर्ज हुआ।
20 फरवरी 2026: राहुल का दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत बयान दर्ज हुआ।
12 मार्च 2026: परिवादी ने आवाज के नमूने का मिलान कराने की अर्जी दी।
2 मई 2026: मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आवाज मिलान की अर्जी खारिज की।
15 जुलाई 2026: सेशन कोर्ट ने निगरानी याचिका खारिज की।
10 सितंबर 2026: हाईकोर्ट ने परिवादी की याचिका खारिज की।
21 सितंबर 2026: अंतिम बहस के लिए तिथि नियत हुई।
13 अक्तूबर 2026: बहस पूरी हुई और फैसला सुरक्षित रखा गया।
26 अक्तूबर 2026: अदालत ने राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया।

एमपीएमएलए कोर्ट में पेश होने जाते राहुल गांधी।