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Sultanpur News: स्कूली वाहनों पर लगेगा क्यूआर कोड, मिलेगी पूरी जानकारी
Sat, 18 Apr 2026 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 18 Apr 2026 12:15 AM IST
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एक विद्यालय में वाहनों की जांच करते पीटीओ शैलेंद्र तिवारी। स्रोत-परिवहन विभाग
सुल्तानपुर। जिले में संचालित निजी स्कूलों के वाहनों की निगरानी अब और आसान होने जा रही है। परिवहन विभाग की पहल पर स्कूली वाहनों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करते वाहन और चालक से जुड़ी पूरी जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। विभाग ने स्कूली वाहनों का डाटा अपलोड कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
परिवहन विभाग के अनुसार जिले के 3639 विद्यालयों को पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया गया है। 320 निजी विद्यालयों में संचालित 1423 स्कूली वाहनों से करीब 60 हजार से अधिक बच्चे आते-जाते हैं। जिसमें से 901 वाहनों को ऑनबोर्ड किया गया है, जिसमें से 807 स्कूली वाहनों का निरीक्षण पूरा कर लिया गया है।
पीटीओ शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि डाटा यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। विभाग की ओर से जारी क्यूआर कोड स्कूल प्रशासन को वाहनों पर चस्पा करना होगा। इससे जांच प्रक्रिया सरल होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
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इनसेट-
अभिभावकों को मिलेगा लाभ
क्यूआर कोड स्कैन करते ही वाहन की फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र, रजिस्ट्रेशन, बीमा, चालक का नाम और लाइसेंस नंबर जैसी जानकारी तुरंत मिल सकेगी। जिससे अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा पर भरोसा मिलेगा।
जांच में आएगी तेजी
नई व्यवस्था से परिवहन और प्रशासनिक अधिकारियों को जांच के दौरान कागजी औपचारिकताओं में समय नहीं गंवाना पड़ेगा। अभिभावक स्कूली वाहन पर लगे क्यूआर कोड स्कैन कर वाहन की स्थिति का पता लगा सकेंगे।
- अलका शुक्ला, एआरटीओ प्रशासन।
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परिवहन विभाग के अनुसार जिले के 3639 विद्यालयों को पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया गया है। 320 निजी विद्यालयों में संचालित 1423 स्कूली वाहनों से करीब 60 हजार से अधिक बच्चे आते-जाते हैं। जिसमें से 901 वाहनों को ऑनबोर्ड किया गया है, जिसमें से 807 स्कूली वाहनों का निरीक्षण पूरा कर लिया गया है।
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पीटीओ शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि डाटा यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। विभाग की ओर से जारी क्यूआर कोड स्कूल प्रशासन को वाहनों पर चस्पा करना होगा। इससे जांच प्रक्रिया सरल होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
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अभिभावकों को मिलेगा लाभ
क्यूआर कोड स्कैन करते ही वाहन की फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र, रजिस्ट्रेशन, बीमा, चालक का नाम और लाइसेंस नंबर जैसी जानकारी तुरंत मिल सकेगी। जिससे अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा पर भरोसा मिलेगा।
जांच में आएगी तेजी
नई व्यवस्था से परिवहन और प्रशासनिक अधिकारियों को जांच के दौरान कागजी औपचारिकताओं में समय नहीं गंवाना पड़ेगा। अभिभावक स्कूली वाहन पर लगे क्यूआर कोड स्कैन कर वाहन की स्थिति का पता लगा सकेंगे।
- अलका शुक्ला, एआरटीओ प्रशासन।