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Sultanpur News: कटका कांड के चार दोषियों को आजीवन कारावास
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सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय से दोषियों को ले जाती पुलिस।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। कटका कांड में जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने दोषी करार दिए गए चार अभियुक्तों को शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 56 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना की 80 फीसदी धनराशि मृतक बच्चे के पिता को मिलेगी। एक किशोर आरोपी के केस की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है।
अभियुुक्तों ने 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए स्कूल गए दो सगे भाइयों का अपहरण करने के बाद एक बच्चे को फावड़े से मारकर मौत के घाट उतार दिया था। दूसरे बच्चे को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। गोसाईंगंज के कटका बाजार निवासी व्यवसायी राकेश अग्रहरि के आठ वर्षीय पुत्र दिव्यांश व छह वर्षीय पुत्र श्रेयांश द्वारिकागंज स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में 20 दिसंबर 2018 को पढ़ने गए थे। छुट्टी के बाद दोनों बच्चों का अपहरण कर लिया गया था।
आरोपियों ने बच्चों को छोड़ने के लिए राकेश से फोन पर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। अपहर्ताओं ने शहर के करौंदिया मोहल्ले में स्थित एक मकान में फावड़े से मारकर मासूम श्रेयांश की हत्या कर दी थी। दिव्यांश को मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस टीम ने छापा मारकर बोरे में भरकर रखे बच्चों को निकालने के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया। गोसाईंगंज के कोहड़ा गांव निवासी राकेश अग्रहरि के घरेलू नौकर रघुवर यादव, शिवपूजन राय व रुद्रेश भारद्वाज और पलिया गांव निवासी सूरज बहेलिया के साथ ही एक किशोर आरोपी के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए।
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गत बुधवार को जिला जज ने अभियुक्त रघुवर यादव, शिवपूजन राय, रुद्रेश भारद्वाज व सूरज बहेलिया को दोषी करार देते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था और सजा सुनाने के लिए 23 दिसंबर की तिथि नियत की थी। शुक्रवार को पुलिस ने चारों अभियुक्तों को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां सजा के बिंदु पर डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र व पूर्व डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह और बचाव पक्ष की ओर से दलीलें पेश की गईं।
अभियोजन पक्ष की ओर से फांसी की सजा देने की मांग की गई। वहीं, बचाव पक्ष ने अभियुक्तों की उम्र को देखते हुए कम से कम सजा देने की मांग की गई। जिला जज ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास व 56 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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अभियुुक्तों ने 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए स्कूल गए दो सगे भाइयों का अपहरण करने के बाद एक बच्चे को फावड़े से मारकर मौत के घाट उतार दिया था। दूसरे बच्चे को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। गोसाईंगंज के कटका बाजार निवासी व्यवसायी राकेश अग्रहरि के आठ वर्षीय पुत्र दिव्यांश व छह वर्षीय पुत्र श्रेयांश द्वारिकागंज स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में 20 दिसंबर 2018 को पढ़ने गए थे। छुट्टी के बाद दोनों बच्चों का अपहरण कर लिया गया था।
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आरोपियों ने बच्चों को छोड़ने के लिए राकेश से फोन पर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। अपहर्ताओं ने शहर के करौंदिया मोहल्ले में स्थित एक मकान में फावड़े से मारकर मासूम श्रेयांश की हत्या कर दी थी। दिव्यांश को मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस टीम ने छापा मारकर बोरे में भरकर रखे बच्चों को निकालने के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया। गोसाईंगंज के कोहड़ा गांव निवासी राकेश अग्रहरि के घरेलू नौकर रघुवर यादव, शिवपूजन राय व रुद्रेश भारद्वाज और पलिया गांव निवासी सूरज बहेलिया के साथ ही एक किशोर आरोपी के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए।
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गत बुधवार को जिला जज ने अभियुक्त रघुवर यादव, शिवपूजन राय, रुद्रेश भारद्वाज व सूरज बहेलिया को दोषी करार देते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था और सजा सुनाने के लिए 23 दिसंबर की तिथि नियत की थी। शुक्रवार को पुलिस ने चारों अभियुक्तों को जेल से लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां सजा के बिंदु पर डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र व पूर्व डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह और बचाव पक्ष की ओर से दलीलें पेश की गईं।
अभियोजन पक्ष की ओर से फांसी की सजा देने की मांग की गई। वहीं, बचाव पक्ष ने अभियुक्तों की उम्र को देखते हुए कम से कम सजा देने की मांग की गई। जिला जज ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास व 56 लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।