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Sultanpur News: कम नहीं हो रहीं दुश्वारियां, खाद के लिए भटक रहे किसान

Tue, 19 Nov 2024 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Tue, 19 Nov 2024 12:45 AM IST
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Problems are not decreasing, farmers are wandering for fertilizer
धनपतगंज के जूड़ापट्टी साधन सहकारी समिति पर लटक रहा ताला। 
सुल्तानपुर। जिले में पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद होने के बावजूद किसानों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। साधन सहकारी समितियों पर खाद के लिए मारामारी मची हुई है। दिनभर लाइन में लगने के बाद भी किसानों को आधार कार्ड पर सिर्फ एक बोरी खाद दी जा रही है। वहीं, बिचौलियों के फेर में किसान परेशान हो रहे हैं। खाद वितरण का यही हाल रहा तो गेहूं का रकबा घट सकता है।
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गेहूं की बोआई का उपयुक्त समय चल रहा है। किसान डीएपी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। साधन सहकारी समितियों पर लटक रहे ताले किसानों को निराश कर रहे हैं। आलू, मटर, सरसों, चना आदि की बोआई अधिकांश किसान कर चुके हैं। गेहूं की बोआई के समय सहकारी समितियों पर खाद ढूंढ़े नहीं मिल रही है। साधन संपन्न किसान निजी दुकानों से डीएपी खाद खरीद कर गेहूं की बोआई करा रहे हैं।
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वहीं, ज्यादातर किसान समितियों का चक्कर लगा कर थक चुके हैं। जरूरतमंद किसान असली-नकली डीएपी की बिना परवाह किए बिना दुकान से खाद खरीद कर गेहूं की बोआई करा रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से खाद उपलब्ध कराने का सरकारी दावा फेल होता नजर आ रहा है।
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एक सप्ताह से काट रहे चक्कर

धनपतगंज (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के जज्जौर निवासी किसान विवेक मिश्र ने कहा कि गेहूं की बोआई के समय डीएपी नहीं मिल रही है। ऐसा पहली बार नहीं अक्सर होता है। इसी गांव के रोहित मिश्र कहते हैं कि समय पर खाद नहीं मिलने से बोआई पिछड़ जाएगी। अब निजी दुकानों से खाद महंगे दाम पर खरीदनी पड़ेगी। मायंग निवासी किसान राम शब्द ने कहा पिछली बार समितियों पर जो डीएपी आई थी, वह प्रभावशाली लोगों को ही मिली थी। पिछले एक सप्ताह से खाद के लिए चक्कर काट रहा हूं। सेवरा गांव निवासी किसान चंदन मिश्र ने बताया कि डीएपी के बगैर गेहूं की बोआई करने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। कई दिनों से निजी दुकानों पर भी डीएपी नहीं मिल रही है। संवाद


जल्द समितियों पर भेजी जाएगी खाद
जिले में भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध है। खाद की रैक आने वाली है। एक-दो दिन में साधन सहकारी समितियों पर खाद भेजी जाएगी। यदि कोई खाद की कालाबाजारी करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। खाद की कमी नहीं है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
- सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
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