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बिजली उत्पादन में कमी से बिगड़े ग्रामीण क्षेत्रों के हालात
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सुल्तानपुर। कोयले की कमी से बिजली उत्पादन में आई गिरावट के असर से ग्रामीण क्षेत्रों के हालात बदतर होते जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सप्ताह भर से रोज चार घंटे की बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हो गए हैं। कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों के 42 विद्युत उपकेंद्र प्रभावित हैं। कोयले की कमी अभी तक पूरा नहीं होने से बिजली उत्पादन में सुधार के हालात नहीं दिख रहे हैं। इसे लेकर वितरण के इंजीनियर भी परेशान हैं। उन पर बिजली आपूर्ति नियमित करने का दबाव बनाया जा रहा है।
देश के साथ प्रदेश में उपजे कोयला संकट का असर जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है। कोयले की कमी से बिजली घरों में उत्पादन घटने से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सप्ताह भर से जारी बिजली कटौती से हालात बदतर होते जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पीक ऑवर (अत्यंत जरूरत के समय) में करीब चार घंटे की बिजली कटौती अभी बरकरार है। करीब सप्ताह भर से चल रही बिजली कटौती से उमस भरी गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की हालत खराब हो गई है। शाम की बिजली कटौती का प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 42 विद्युत उपकेंद्रों पर पड़ा है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक विद्युत उत्पादन गृहों पर कोयले की कमी जल्द पूरा नहीं होने पर आपूर्ति की स्थिति और डगमगाने के आसार हैं। हालांकि अभी तक विद्युत वितरण मंडल ने शहरी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था यथावत बनाए रखी है। उत्पादन नहीं बढ़ने पर इसका असर शहरी क्षेत्र में भी पड़ने के आसार बताए जा रहे हैं।
शाम पांच से रात नौ बजे तक हो रही कटौती
विद्युत उत्पादन में कमी से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती शाम पांच बजे से चल रही है। शाम पांच बजे से होने वाली बिजली कटौती रात करीब नौ बजे तक की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूर्व में शासन की ओर से इस वक्त बिजली कटौती नहीं करने का निर्देश दिया गया था लेकिन कमी को देखते हुए पीक ऑवर में कटौती की जा रही है। कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति का रोस्टर भी गड़बड़ा गया है। हालांकि अधिकारी इसकी भरपाई की बात कर रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में भरपाई नहीं हो पा रही है।
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देश के साथ प्रदेश में उपजे कोयला संकट का असर जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है। कोयले की कमी से बिजली घरों में उत्पादन घटने से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सप्ताह भर से जारी बिजली कटौती से हालात बदतर होते जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पीक ऑवर (अत्यंत जरूरत के समय) में करीब चार घंटे की बिजली कटौती अभी बरकरार है। करीब सप्ताह भर से चल रही बिजली कटौती से उमस भरी गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की हालत खराब हो गई है। शाम की बिजली कटौती का प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 42 विद्युत उपकेंद्रों पर पड़ा है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक विद्युत उत्पादन गृहों पर कोयले की कमी जल्द पूरा नहीं होने पर आपूर्ति की स्थिति और डगमगाने के आसार हैं। हालांकि अभी तक विद्युत वितरण मंडल ने शहरी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था यथावत बनाए रखी है। उत्पादन नहीं बढ़ने पर इसका असर शहरी क्षेत्र में भी पड़ने के आसार बताए जा रहे हैं।
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शाम पांच से रात नौ बजे तक हो रही कटौती
विद्युत उत्पादन में कमी से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती शाम पांच बजे से चल रही है। शाम पांच बजे से होने वाली बिजली कटौती रात करीब नौ बजे तक की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूर्व में शासन की ओर से इस वक्त बिजली कटौती नहीं करने का निर्देश दिया गया था लेकिन कमी को देखते हुए पीक ऑवर में कटौती की जा रही है। कटौती से ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति का रोस्टर भी गड़बड़ा गया है। हालांकि अधिकारी इसकी भरपाई की बात कर रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में भरपाई नहीं हो पा रही है।
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