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Sultanpur News: नेपाल से आए कवियों ने बांधा समा
Mon, 22 Sep 2025 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 22 Sep 2025 12:06 AM IST
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बल्दीराय के हलियापुर स्थित एक लॉन में आयोजित कवि सम्मेलन में सम्मानित कवि।
सुल्तानपुर। हलियापुर में रविवार को कवि सम्मेलन और श्री सिंह राय अवधी साहित्य विकास संस्थान का तृतीय वार्षिकोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में कई जिलों के साथ ही नेपाल के कवियों ने भाग लिया।
नेपाल से आई कवयित्री सुशीला वैश्य ने अवधी कविता 'ऐ पहुना यहीं मिथिलए में रहूं न, जौनय सुखबा ससुरारी मां तौनय सुख कहूं न' सुनाकर तालियां बटोरीं। नेपाल के मगही सिंह ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम के आयोजक इंद्रजीत सिंह अर्चक व संचालन ज्ञानेंद्र पांडेय ने किया।
अध्यक्षता कवि इंद्रेश भदौरिया ने की। कार्यक्रम में सुशील चंद्र पांडेय की पुस्तक 'स्वतंत्रता बनी रहे' का विमोचन भी किया गया। कवियों को प्रशस्ति पत्र, अंग वस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
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इस दौरान नेपाल से पधारे डाॅ. जनार्दन आचार्य, किरन आचार्य, राजेंद्र वैश्य, अमेठी के ज्ञानेंद्र आचार्य मधुरस, रायबरेली के शिव बहादुर सिंह दिलवर, राम दुलारे सिंह सुजान, अयोध्या के भवानी प्रसाद तिवारी विभोर, बाराबंकी के वेदप्रकाश सिंह, ममता सिंह सहित बड़ी संख्या में कवि व श्रोता मौजूद रहे।
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नेपाल से आई कवयित्री सुशीला वैश्य ने अवधी कविता 'ऐ पहुना यहीं मिथिलए में रहूं न, जौनय सुखबा ससुरारी मां तौनय सुख कहूं न' सुनाकर तालियां बटोरीं। नेपाल के मगही सिंह ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम के आयोजक इंद्रजीत सिंह अर्चक व संचालन ज्ञानेंद्र पांडेय ने किया।
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अध्यक्षता कवि इंद्रेश भदौरिया ने की। कार्यक्रम में सुशील चंद्र पांडेय की पुस्तक 'स्वतंत्रता बनी रहे' का विमोचन भी किया गया। कवियों को प्रशस्ति पत्र, अंग वस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
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इस दौरान नेपाल से पधारे डाॅ. जनार्दन आचार्य, किरन आचार्य, राजेंद्र वैश्य, अमेठी के ज्ञानेंद्र आचार्य मधुरस, रायबरेली के शिव बहादुर सिंह दिलवर, राम दुलारे सिंह सुजान, अयोध्या के भवानी प्रसाद तिवारी विभोर, बाराबंकी के वेदप्रकाश सिंह, ममता सिंह सहित बड़ी संख्या में कवि व श्रोता मौजूद रहे।