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Sultanpur News: 40 से अधिक संविदा कर्मी कार्य बहिष्कार पर, आठ आरोग्य मंदिर बंद
Sat, 17 Oct 2026 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:37 AM IST
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मोतिगरपुर सीएचसी में बंद पड़ा आयुष चिकित्सक का कक्ष। संवाद
मोतिगरपुर (सुल्तानपुर)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सरकारी कार्यक्रम प्रभावित होने लगे हैं। धर्मराज पाठक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मोतिगरपुर में 40 से अधिक कर्मचारी शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार पर रहे। इसके चलते आठ आरोग्य केंद्र बंद रहे, जबकि टीकाकरण की जिम्मेदारी महज सात स्थायी एएनएम पर रह गई है।
सीएचसी क्षेत्र में तैनात 19 एएनएम में से 12 संविदा और आउटसोर्सिंग पर कार्यरत हैं। हड़ताल में शामिल होने से बच्चों और गर्भवतियों के टीकाकरण का दबाव बढ़ा है। टेली-मानस, गैर संचारी रोग (एनसीडी), ई-कवच और टीकाकरण की ऑनलाइन फीडिंग व रिपोर्टिंग भी प्रभावित है। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के भुगतान संबंधी काम में भी बाधा आ रही है।
संचारी रोग अभियान की रफ्तार धीमी
आशाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से चलने वाला संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी प्रभावित हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहारे अभियान चलाया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी से सरकारी योजनाओं की प्रगति दर्ज करने और उनकी समीक्षा के काम पर भी असर पड़ रहा है।
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ओपीडी का भार दो चिकित्सकों पर
आयुष चिकित्सक डॉ. जेपी वर्मा, डॉ. अकील अहमद और डॉ. अरुण के हड़ताल पर रहने से ओपीडी का अतिरिक्त जिम्मा डॉ. बिंदु यादव और डॉ. इमरान पर है। मरीजों की संख्या कम होने से स्थिति कुछ हद तक संभली दिखी। चिकित्साधीक्षक डॉ. अवनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि इमरजेंसी और ओपीडी सेवाओं पर हड़ताल का असर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन एनसीडी, जननी सुरक्षा योजना, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और भुगतान संबंधी कार्य अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
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सीएचसी क्षेत्र में तैनात 19 एएनएम में से 12 संविदा और आउटसोर्सिंग पर कार्यरत हैं। हड़ताल में शामिल होने से बच्चों और गर्भवतियों के टीकाकरण का दबाव बढ़ा है। टेली-मानस, गैर संचारी रोग (एनसीडी), ई-कवच और टीकाकरण की ऑनलाइन फीडिंग व रिपोर्टिंग भी प्रभावित है। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के भुगतान संबंधी काम में भी बाधा आ रही है।
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संचारी रोग अभियान की रफ्तार धीमी
आशाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से चलने वाला संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी प्रभावित हुआ है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहारे अभियान चलाया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी से सरकारी योजनाओं की प्रगति दर्ज करने और उनकी समीक्षा के काम पर भी असर पड़ रहा है।
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ओपीडी का भार दो चिकित्सकों पर
आयुष चिकित्सक डॉ. जेपी वर्मा, डॉ. अकील अहमद और डॉ. अरुण के हड़ताल पर रहने से ओपीडी का अतिरिक्त जिम्मा डॉ. बिंदु यादव और डॉ. इमरान पर है। मरीजों की संख्या कम होने से स्थिति कुछ हद तक संभली दिखी। चिकित्साधीक्षक डॉ. अवनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि इमरजेंसी और ओपीडी सेवाओं पर हड़ताल का असर अपेक्षाकृत कम है, लेकिन एनसीडी, जननी सुरक्षा योजना, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और भुगतान संबंधी कार्य अधिक प्रभावित हो रहे हैं।