{"_id":"66a178105ea56f86c20af604","slug":"order-to-give-compensation-of-rs-5-lakh-in-case-of-womans-death-sultanpur-news-c-103-1-slko1047-116379-2024-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: महिला की मौत मामले में पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: महिला की मौत मामले में पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश
Thu, 25 Jul 2024 03:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 25 Jul 2024 03:24 AM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। थाना क्षेत्र पीपरपुर के लखनपुर गांव निवासी मनोज श्रीवास्तव ने पत्नी रजनी श्रीवास्तव को प्रसव के लिए कोतवाली नगर क्षेत्र के लक्ष्मणपुर में स्थित नवजीवन हॉस्पिटल में 11 अगस्त 2014 को भर्ती कराया था। हॉस्पिटल में रजनी का ऑपरेशन हुआ था।
आरोप है कि ऑपरेशन में चिकित्सक की लापरवाही से रजनी की तबीयत खराब हो गई थी। गंभीर हालत में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था। बाद में रजनी को प्रयागराज के एक हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। मनोज श्रीवास्तव ने नवजीवन हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉ. रमेश ओझा व उनकी पत्नी डॉ. छवि ओझा और दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ 22 मई 2015 को जिला उपभोक्ता फोरम में क्षतिपूर्ति के लिए परिवाद दायर किया था।
फोरम के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल व सदस्य भारत भूषण तिवारी ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह दो माह में परिवादी को पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति अदा करे। साथ ही शारीरिक व मानसिक कष्ट के लिए दो हजार रुपये व वाद व्यय के लिए एक हजार रुपये का भी परिवादी को भुगतान करे। गौरतलब है कि हॉस्पिटल का बीमा होने के कारण क्षतिपूर्ति की धनराशि का भुगतान बीमा कंपनी को करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोप है कि ऑपरेशन में चिकित्सक की लापरवाही से रजनी की तबीयत खराब हो गई थी। गंभीर हालत में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था। बाद में रजनी को प्रयागराज के एक हॉस्पिटल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। मनोज श्रीवास्तव ने नवजीवन हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉ. रमेश ओझा व उनकी पत्नी डॉ. छवि ओझा और दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ 22 मई 2015 को जिला उपभोक्ता फोरम में क्षतिपूर्ति के लिए परिवाद दायर किया था।
विज्ञापन
फोरम के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल व सदस्य भारत भूषण तिवारी ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह दो माह में परिवादी को पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति अदा करे। साथ ही शारीरिक व मानसिक कष्ट के लिए दो हजार रुपये व वाद व्यय के लिए एक हजार रुपये का भी परिवादी को भुगतान करे। गौरतलब है कि हॉस्पिटल का बीमा होने के कारण क्षतिपूर्ति की धनराशि का भुगतान बीमा कंपनी को करना पड़ेगा।
विज्ञापन