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सतर्कता के साथ जिले की सीएचसी पर चल रही ओपीडी सेवा
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सुल्तानपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर किए गए लॉकडाउन में बदहाल चिकित्सीय सेवा धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। जिले के 14 सीएचसी पर 10 दिनों से ओपीडी सेवा चालू कर दी गई है।
सभी सीएचसी को मिलाकर चिकित्सक प्रतिदिन दो सौ से लेकर ढाई सौ लोगों का उपचार कर रहे हैं। मंगलवार को अमर उजाला ने कई सीएचसी की ओपीडी की पड़ताल की तो मरीजों की थर्मल स्कैनर व ऑक्सीमीटर से जांच के बाद ओपीडी सेवा चलती मिली।
जिला अस्पताल में संचालित हो रही ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों के लिए थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था पहले से थी जबकि सीएचसी पर इसके इंतजाम नहीं थे। शासन ने इस कमी को गंभीरता से लिया है।
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शासन के आदेश पर जिले की सभी 14 सीएचसी पर 15 जून को थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था कर दी गई थी। 18 जून से जिले के सभी सीएचसी पर ओपीडी चालू कर दी गई। सीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों की चिकित्सक पहले थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर से जांच करते हैं।
मंगलवार को जिले के लंभुआ, कूरेभार, मोतिगरपुर, कुड़वार, जयसिंहपुर, कादीपुर सीएचसी पर चिकित्सक मरीजों को ओपीडी में देखते मिले। सीएचसी मोतिगरपुर में मंगलवार को चिकित्सक डॉ. अवनीश मिश्र ओपीडी में मरीजों को देखते मिले। सीएचसी अधीक्षक एचएन मौर्य ने बताया कि सीएचसी के ओपीडी में प्रतिदिन 15 से 20 मरीजों को देखा जा रहा है। सीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों की थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर से जांच की जा रही है।
सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी 18 जून से शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही सभी सीएचसी पर हेल्प डेस्क पर थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था है। सीएचसी पर पहुंचने वाले सभी मरीजों की जांच की जा रही है। औसतन एक सीएचसी पर प्रतिदिन 15 से 20 मरीजों को चिकित्सक देख रहे हैं।
सीएचसी मोतिगरपुर में मंगलवार को थर्मल स्कैनिंग और पल्स ऑक्सीमीटर से जांच के बाद चिकित्सक डॉ. अवनीश मिश्र मरीजों को देखते मिले। मोतिगरपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. एचएन मौर्य ने बताया कि प्रतिदिन 15 से 20 मरीजों की ओपीडी हो रही है। मरीजों को देखने से पूर्व सावधानी बरती जा रही है।
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सभी सीएचसी को मिलाकर चिकित्सक प्रतिदिन दो सौ से लेकर ढाई सौ लोगों का उपचार कर रहे हैं। मंगलवार को अमर उजाला ने कई सीएचसी की ओपीडी की पड़ताल की तो मरीजों की थर्मल स्कैनर व ऑक्सीमीटर से जांच के बाद ओपीडी सेवा चलती मिली।
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जिला अस्पताल में संचालित हो रही ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों के लिए थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था पहले से थी जबकि सीएचसी पर इसके इंतजाम नहीं थे। शासन ने इस कमी को गंभीरता से लिया है।
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शासन के आदेश पर जिले की सभी 14 सीएचसी पर 15 जून को थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था कर दी गई थी। 18 जून से जिले के सभी सीएचसी पर ओपीडी चालू कर दी गई। सीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों की चिकित्सक पहले थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर से जांच करते हैं।
मंगलवार को जिले के लंभुआ, कूरेभार, मोतिगरपुर, कुड़वार, जयसिंहपुर, कादीपुर सीएचसी पर चिकित्सक मरीजों को ओपीडी में देखते मिले। सीएचसी मोतिगरपुर में मंगलवार को चिकित्सक डॉ. अवनीश मिश्र ओपीडी में मरीजों को देखते मिले। सीएचसी अधीक्षक एचएन मौर्य ने बताया कि सीएचसी के ओपीडी में प्रतिदिन 15 से 20 मरीजों को देखा जा रहा है। सीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों की थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर से जांच की जा रही है।
सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने बताया कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी 18 जून से शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही सभी सीएचसी पर हेल्प डेस्क पर थर्मल स्कैनर व पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था है। सीएचसी पर पहुंचने वाले सभी मरीजों की जांच की जा रही है। औसतन एक सीएचसी पर प्रतिदिन 15 से 20 मरीजों को चिकित्सक देख रहे हैं।
सीएचसी मोतिगरपुर में मंगलवार को थर्मल स्कैनिंग और पल्स ऑक्सीमीटर से जांच के बाद चिकित्सक डॉ. अवनीश मिश्र मरीजों को देखते मिले। मोतिगरपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. एचएन मौर्य ने बताया कि प्रतिदिन 15 से 20 मरीजों की ओपीडी हो रही है। मरीजों को देखने से पूर्व सावधानी बरती जा रही है।