{"_id":"67ab9fcf58559dd5d809f9a5","slug":"one-appeal-rejected-in-check-bounce-case-the-other-partially-accepted-sultanpur-news-c-103-1-slp1004-127074-2025-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: चेक बाउंस के मामले में एक अपील खारिज, दूसरी आंशिक रूप से स्वीकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: चेक बाउंस के मामले में एक अपील खारिज, दूसरी आंशिक रूप से स्वीकार
Wed, 12 Feb 2025 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 12 Feb 2025 12:36 AM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। चेक बाउंस के मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट से सुनाई गई दो साल की सजा को चुनौती देने वाली अपील जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ल ने खारिज कर दी है। जिला जज ने परिवादी की अपील आंशिक रूप से स्वीकार कर 18 फीसदी ब्याज देने का आदेश दिया है।
बंधुआकला थाने के अलीगंज निवासी आनंद शर्मा ने कोतवाली नगर के बाधमंडी शाहगंज स्थित मित्तल एजेंसी के प्रोपराइटर प्रदीप कुमार से 23 मई 2005 को 57,600 रुपये की 400 बोरी सीमेंट उधार लिया था। आनंद ने प्रदीप कुमार को चेक दिया था। चेक को बैंक में लगाया तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने से चेक बाउंस हो गया था। परिवादी प्रदीप कुमार ने विपक्षी आनंद शर्मा के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया था।
24 मई 2024 को एसीजेएम पंचम की कोर्ट ने आनंद शर्मा को दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनाई थी और एक लाख, 15 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति परिवादी को देने का आदेश दिया था। आरोपी आनंद शर्मा ने सजा व क्षतिपूर्ति के खिलाफ और परिवादी प्रदीप कुमार ने ब्याज के लिए जिला जज की कोर्ट में अपील दायर की थी।
विज्ञापन
जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ल ने आरोपी आनंद शर्मा की अपील खारिज कर दी है। परिवादी प्रदीप कुमार की अपील आंशिक रूप से स्वीकार कर 18 फीसदी ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
बंधुआकला थाने के अलीगंज निवासी आनंद शर्मा ने कोतवाली नगर के बाधमंडी शाहगंज स्थित मित्तल एजेंसी के प्रोपराइटर प्रदीप कुमार से 23 मई 2005 को 57,600 रुपये की 400 बोरी सीमेंट उधार लिया था। आनंद ने प्रदीप कुमार को चेक दिया था। चेक को बैंक में लगाया तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने से चेक बाउंस हो गया था। परिवादी प्रदीप कुमार ने विपक्षी आनंद शर्मा के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया था।
विज्ञापन
24 मई 2024 को एसीजेएम पंचम की कोर्ट ने आनंद शर्मा को दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनाई थी और एक लाख, 15 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति परिवादी को देने का आदेश दिया था। आरोपी आनंद शर्मा ने सजा व क्षतिपूर्ति के खिलाफ और परिवादी प्रदीप कुमार ने ब्याज के लिए जिला जज की कोर्ट में अपील दायर की थी।
विज्ञापन
जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ल ने आरोपी आनंद शर्मा की अपील खारिज कर दी है। परिवादी प्रदीप कुमार की अपील आंशिक रूप से स्वीकार कर 18 फीसदी ब्याज का भुगतान करने का आदेश दिया है।