{"_id":"6aa44d4208f3e0415c069264","slug":"obstacles-in-availing-scheme-benefits-questions-raised-during-dialogue-sultanpur-news-c-103-1-slko1044-164728-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: योजनाओं के लाभ में अड़चनें, संवाद में उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: योजनाओं के लाभ में अड़चनें, संवाद में उठे सवाल
Sat, 12 Sep 2026 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 12 Sep 2026 12:19 AM IST
विज्ञापन
महिलाओं की समस्या सुनते अधिकारी
सुल्तानपुर। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आ रही अड़चनों को लेकर शुक्रवार को लाभार्थियों ने जिला प्रोबेशन अधिकारी से सीधे संवाल किए । विकास भवन स्थित प्रोबेशन कार्यालय में आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में कन्या सुमंगला, मुख्यमंत्री बाल सेवा समेत विभागीय योजनाओं के आवेदन, पात्रता, जरूरी अभिलेख और लाभ मिलने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा ने बताया कि योजनाओं के आवेदन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन किए जा रहे हैं। आवेदन के बाद संबंधित अभिलेखों का सत्यापन होता है। पात्र पाए जाने पर लाभ देने की संस्तुति की जाती है। उन्होंने बताया कि योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर भी प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है।
खुशबू दूबे ने एक साल की भतीजी के कन्या सुमंगला योजना में आवेदन के लिए जरूरी अभिलेख पूछे। नीलम वर्मा ने बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया की जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि जनसुविधा केंद्रों पर पर्याप्त जानकारी न होने से आवेदन कराने में परेशानी होती है। गौरा निवासी रेखा त्रिपाठी ने वन स्टॉप सेंटर में पीड़िताओं के ठहरने की व्यवस्था, जबकि पूजा सिंह ने लावारिस मिलने वाले बच्चों की देखरेख के बारे में सवाल किया।
विज्ञापन
प्रेमनाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य की जानकारी ली। रीता मौर्या, अर्चना पाल और ममता वर्मा ने कन्या सुमंगला में मिलने वाली सहायता राशि के बारे में पूछा। अधिकारी ने सवालों के जवाब देकर योजनाओं की प्रक्रिया स्पष्ट की।
छह चरणों में 25 हजार रुपये की सहायता
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना में तीन लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों की पात्र बेटियों को छह चरणों में कुल 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। आवेदन में संयुक्त बैंक खाता, आय, निवास, आधार और जन्म प्रमाणपत्र जरूरी हैं। सत्यापन के बाद चरणवार राशि खाते में भेजी जाती है। हर चरण में अभिभावक को लाभार्थी का शैक्षिक प्रमाणपत्र भी लगाना होगा
विज्ञापन
जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा ने बताया कि योजनाओं के आवेदन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन किए जा रहे हैं। आवेदन के बाद संबंधित अभिलेखों का सत्यापन होता है। पात्र पाए जाने पर लाभ देने की संस्तुति की जाती है। उन्होंने बताया कि योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर भी प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है।
विज्ञापन
खुशबू दूबे ने एक साल की भतीजी के कन्या सुमंगला योजना में आवेदन के लिए जरूरी अभिलेख पूछे। नीलम वर्मा ने बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया की जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि जनसुविधा केंद्रों पर पर्याप्त जानकारी न होने से आवेदन कराने में परेशानी होती है। गौरा निवासी रेखा त्रिपाठी ने वन स्टॉप सेंटर में पीड़िताओं के ठहरने की व्यवस्था, जबकि पूजा सिंह ने लावारिस मिलने वाले बच्चों की देखरेख के बारे में सवाल किया।
विज्ञापन
प्रेमनाथ पांडेय ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य की जानकारी ली। रीता मौर्या, अर्चना पाल और ममता वर्मा ने कन्या सुमंगला में मिलने वाली सहायता राशि के बारे में पूछा। अधिकारी ने सवालों के जवाब देकर योजनाओं की प्रक्रिया स्पष्ट की।
छह चरणों में 25 हजार रुपये की सहायता
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना में तीन लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों की पात्र बेटियों को छह चरणों में कुल 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। आवेदन में संयुक्त बैंक खाता, आय, निवास, आधार और जन्म प्रमाणपत्र जरूरी हैं। सत्यापन के बाद चरणवार राशि खाते में भेजी जाती है। हर चरण में अभिभावक को लाभार्थी का शैक्षिक प्रमाणपत्र भी लगाना होगा