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फर्श पर जना बच्चा, नवजात की मौत
ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jun 2013 01:37 PM IST
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रेलवे अफसरों की संवेदनहीनता दंपती को भारी पड़ी। दर्द से कराहती मां ने स्टेशन के नियंत्रण कक्ष में फर्श पर ही बच्चे को जन्म दे दिया, लेकिन कोई चिकित्सक अथवा स्वास्थ्य कर्मी उसकी मदद को नहीं पहुंचा।
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यही नहीं दर्द से तड़प रही महिला को एक स्ट्रेचर भी रेल अफसरों ने मुहैया कराना मुनासिब नहीं समझा।
बच्चे के जन्म के करीब आधे घंटे बाद महिला को एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल ले जाया जा रहा था कि बच्चे ने दम तोड़ दिया। जिला महिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद महिला को छोड़ दिया गया।
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बिहार के कटिहार जिले के चौकिया पहाड़पुर क्षेत्र के रतुंडला निवासी बाबूलाल अपनी पत्नी के साथ दिल्ली से फरक्का जा रहे थे।
फरक्का एक्सप्रेस में बाबूलाल की पत्नी को निहालगढ़ स्टेशन के निकट प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अन्य यात्रियों की मदद से किसी तरह महिला सुल्तानपुर जंक्शन तक पहुंची।
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ट्रेन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रुकते ही महिला उतरकर प्रतीक्षालय की तरफ भागी। प्रतीक्षालय में ताला लटका मिलने पर प्रसव पीड़िता नियंत्रण कक्ष पहुंची और फर्श पर लेटकर चीखने लगी।
प्रसव पीड़ा देख स्टेशन मास्टर मो. अकरम व अन्य कर्मचारी बाहर चले गए। करीब 15 मिनट बाद फर्श पर ही महिला ने पुत्र को जन्म दे दिया।
इस दौरान रेलवे प्रशासन तमाशबीन बना रहा, मौके पर व्यवस्था की गई न ही रेलवे के चिकित्सक पहुंचे।