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आठ बिंदुओं पर दोषी पाई गई पालिकाध्यक्ष
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सुल्तानपुर। सभासदों की ओर से की गई शिकायत पर हुई जांच में तीन सदस्यीय समिति ने नगर पालिका अध्यक्ष को आठ बिंदुओं पर दोषी पाया है। बुधवार को शहर के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में सभासदों ने इसकी जानकारी मीडिया को दी है।
प्रेसवार्ता में सभासद अमोल बाजपेयी ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष बबिता जायसवाल के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त में नौ बिंदुओं पर शिकायत की थी।
जिलाधिकारी सी. इंदुमती ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति में शामिल एडीएम वित्त एवं राजस्व उमाकांत त्रिपाठी, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता डीके अहिरवार व सहायक कोषाधिकारी पी राम ने चेयरमैन को दोषी ठहराया है।
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समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में नगर पालिका परिषद में अवैध ढंग से टेंडर बदलकर चहेतो ठेकेदारों को ठेका देने, बिना बोर्ड की इजाजत के गाड़ियों की मरम्मत कराने, ठेकेदारों के पंजीकरण व नवीनीकरण नियम खिलाफ ढंग से करने, टैक्सी पार्किंग शुल्क के ठेके में अनियमितता करके 44 लाख नौ हजार 280 रुपये की क्षति पहुंचाने के लिए चेयरमैन को दोषी माना है।
उन्होंने बताया कि नौ आरोपों में से आठ आरोप चेयरमैन के खिलाफ सही पाए गए हैं। सभासदों ने पालिकाध्यक्ष के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी की है। प्रेसवार्ता में सभासद अजय सिंह, सज्जाद खान, सभासद पति रमेश सिंह समेत अन्य कई लोग मौजूद रहे।
इस संबंध में पालिकाध्यक्ष के पति अजय जायसवाल ने आरोपों को निराधार बताया। आरोपियों के पास कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है। जांच रिपोर्ट भेजने वाले तत्कालीन अधिकारी स्वयं सीबीआई की जांच के घेरे में हैं।
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प्रेसवार्ता में सभासद अमोल बाजपेयी ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष बबिता जायसवाल के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त में नौ बिंदुओं पर शिकायत की थी।
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जिलाधिकारी सी. इंदुमती ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति में शामिल एडीएम वित्त एवं राजस्व उमाकांत त्रिपाठी, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता डीके अहिरवार व सहायक कोषाधिकारी पी राम ने चेयरमैन को दोषी ठहराया है।
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समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में नगर पालिका परिषद में अवैध ढंग से टेंडर बदलकर चहेतो ठेकेदारों को ठेका देने, बिना बोर्ड की इजाजत के गाड़ियों की मरम्मत कराने, ठेकेदारों के पंजीकरण व नवीनीकरण नियम खिलाफ ढंग से करने, टैक्सी पार्किंग शुल्क के ठेके में अनियमितता करके 44 लाख नौ हजार 280 रुपये की क्षति पहुंचाने के लिए चेयरमैन को दोषी माना है।
उन्होंने बताया कि नौ आरोपों में से आठ आरोप चेयरमैन के खिलाफ सही पाए गए हैं। सभासदों ने पालिकाध्यक्ष के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी की है। प्रेसवार्ता में सभासद अजय सिंह, सज्जाद खान, सभासद पति रमेश सिंह समेत अन्य कई लोग मौजूद रहे।
इस संबंध में पालिकाध्यक्ष के पति अजय जायसवाल ने आरोपों को निराधार बताया। आरोपियों के पास कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है। जांच रिपोर्ट भेजने वाले तत्कालीन अधिकारी स्वयं सीबीआई की जांच के घेरे में हैं।