{"_id":"62a0e24e29507902e622c52c","slug":"msc-chemistry-paper-came-out-of-syllabus-sultanpur-news-lko634280482","type":"story","status":"publish","title_hn":"आउट ऑफ सिलेबस आया एमएससी केमेस्ट्री का पर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आउट ऑफ सिलेबस आया एमएससी केमेस्ट्री का पर्चा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान में बुधवार को पहली पाली में एमएससी पूर्वार्द्ध रसायन विज्ञान के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। पहले ही प्रश्नपत्र में 10 में से आठ प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस आ गये। इसके चलते परीक्षार्थी हंगामा करने लगे। प्राचार्य के समझाने के बाद छात्र-छात्राएं किसी तरह परीक्षा कक्ष में दोबारा वापस गये।
बुधवार को कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान के विज्ञान संकाय में एमएससी पूर्वार्द्ध रसायन विज्ञान के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। इसमें लगभग 50 विद्यार्थी शामिल हुए। जब परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र वितरित किया गया तो उसमें अधिकांश प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस दिखे। इस पर परीक्षार्थियों ने परीक्षा कक्ष में हंगामा शुरू कर दिया तथा परीक्षा के वॉकआउट का दबाव बनाने लगे। प्राचार्य प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह के समझाने के बाद परीक्षार्थी दोबारा परीक्षा कक्ष में लौटे।
मामले में प्राचार्य ने अवध विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को पत्र भेजकर इस प्रश्नपत्र की परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की मांग की। ैैैरसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र में कई प्रश्न फाइनल ईयर के आए थे, जबकि परीक्षा एमएससी प्रथम वर्ष की हो रही थी। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्र तैयार कराने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिम्मेदारों को इसकी परवाह नहीं है। परीक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर लापरवाही बरती गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान के विज्ञान संकाय में एमएससी पूर्वार्द्ध रसायन विज्ञान के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। इसमें लगभग 50 विद्यार्थी शामिल हुए। जब परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र वितरित किया गया तो उसमें अधिकांश प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस दिखे। इस पर परीक्षार्थियों ने परीक्षा कक्ष में हंगामा शुरू कर दिया तथा परीक्षा के वॉकआउट का दबाव बनाने लगे। प्राचार्य प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह के समझाने के बाद परीक्षार्थी दोबारा परीक्षा कक्ष में लौटे।
विज्ञापन
मामले में प्राचार्य ने अवध विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को पत्र भेजकर इस प्रश्नपत्र की परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की मांग की। ैैैरसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र में कई प्रश्न फाइनल ईयर के आए थे, जबकि परीक्षा एमएससी प्रथम वर्ष की हो रही थी। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्र तैयार कराने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिम्मेदारों को इसकी परवाह नहीं है। परीक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर लापरवाही बरती गई है।
विज्ञापन