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30 इंटर कॉलेजों ने नहीं दिया एमडीएम का उपभोग प्रमाणपत्र
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सुल्तानपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से पहली बार 76 दिन, दूसरी बार 49 दिन व तीसरी बार 138 दिन का एमडीएम का कन्वर्जन कॉस्ट व राशन वितरण छात्र-छात्राओं को किया गया है। मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित जिले के 58 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में से 29 ऐसे इंटर कॉलेज हैं, जिन्होंने प्रेरणा पोर्टल पर इसका उपभोग प्रमाणपत्र अपलोड नहीं किया है।
एक राजकीय इंटर कॉलेज ने भी उपभोग प्रमाणपत्र अपलोड नहीं किया है। प्रेरणा पोर्टल पर उपभोग प्रमाणपत्र अपलोड न करने वाले अखंडनगर विकास खंड के चार, बल्दीराय के तीन, भदैंया के दो, धनपतगंज का एक, दूबेपुर का एक, कादीपुर का तीन, करौंदीकलां के दो, कुड़वार के तीन, कूरेभार के दो, लंभुआ के पांच, मोतिगरपुर का एक व प्रतापपुर कमैचा का तीन विद्यालय शामिल हैं। प्रेरणा पोर्टल पर उपभोग प्रमाणपत्र अपलोड नहीं होने की वजह से जिले का उपभोग प्रमाणपत्र जिलाधिकारी के हस्ताक्षर से शासन को नहीं भेजा जा पा रहा है।
इसके संबंध में एमडीएम के जिला कोऑर्डिनेटर संदीप यादव की ओर से कई बार प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया जा चुका है। बावजूद इसके प्रधानाचार्यों की लापरवाही से अभी भी 30 विद्यालयों के उपभोग प्रमाणपत्र ऑनलाइन अपलोड नहीं हुए हैं। बीएसए दीवान सिंह यादव ने डीआईओएस से इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को उपभोग प्रमाणपत्र तत्काल अपलोड कराए जाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
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एक राजकीय इंटर कॉलेज ने भी उपभोग प्रमाणपत्र अपलोड नहीं किया है। प्रेरणा पोर्टल पर उपभोग प्रमाणपत्र अपलोड न करने वाले अखंडनगर विकास खंड के चार, बल्दीराय के तीन, भदैंया के दो, धनपतगंज का एक, दूबेपुर का एक, कादीपुर का तीन, करौंदीकलां के दो, कुड़वार के तीन, कूरेभार के दो, लंभुआ के पांच, मोतिगरपुर का एक व प्रतापपुर कमैचा का तीन विद्यालय शामिल हैं। प्रेरणा पोर्टल पर उपभोग प्रमाणपत्र अपलोड नहीं होने की वजह से जिले का उपभोग प्रमाणपत्र जिलाधिकारी के हस्ताक्षर से शासन को नहीं भेजा जा पा रहा है।
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इसके संबंध में एमडीएम के जिला कोऑर्डिनेटर संदीप यादव की ओर से कई बार प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया जा चुका है। बावजूद इसके प्रधानाचार्यों की लापरवाही से अभी भी 30 विद्यालयों के उपभोग प्रमाणपत्र ऑनलाइन अपलोड नहीं हुए हैं। बीएसए दीवान सिंह यादव ने डीआईओएस से इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को उपभोग प्रमाणपत्र तत्काल अपलोड कराए जाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
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