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Sultanpur News: एक ही छत के नीचे संचालित होगा मातृत्व ब बाल रोग विभाग
Thu, 06 Jul 2023 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 06 Jul 2023 12:18 AM IST
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सुल्तानपुर। मेडिकल कालेज में मातृत्व व बाल रोग विभाग का संचालन अब संयुक्त तौर पर होगा। इससे जहां प्रसूताओं को अपने नवजात का इलाज कराने में सुविधा होगी वही वहीं अन्य रोगों से पीड़ित बच्चों का इलाज भी यहां संभव हो सकेगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन बाल रोग विभाग को महिला चिकित्सालय में शिफ्ट किए जाने की कवायद में जुटा है।
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के जिला पुरुष चिकित्सालय में ही बाल रोग विभाग का संचालन किया जा रहा है। बाल रोगियों का इलाज पुरुष अस्पताल में बने वार्ड में ही संचालित हो रहा है। इस कारण महिला चिकित्सालय की प्रसूताओं को नवजात के अचानक बीमार पड़ने पर महिला चिकित्सालय से लेकर पुरुष चिकित्सालय तक की दौड़ लगाना पड़ती है। इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से मातृत्व व बाल रोग विभाग को एक ही परिसर में संयुक्त तौर पर संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
शिफ्टिंग के तहत जिला पुरुष चिकित्सालय की बाल रोग की ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टरों को महिला चिकित्सालय परिसर में बैठने की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इस व्यवस्था के लागू होने से सभी बाल रोग चिकित्सक एक ही जगह पर रहेंगे। इससे नवजात से लेकर अन्य बाल रोगियों का इलाज एक ही छत के नीचे आसानी से हो सकेगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को नवजात शिशुओं का इलाज कराने में मिलेगा।
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बाल रोग विभाग को महिला चिकित्सालय में संचालित मातृत्व विभाग के निकट शिफ्ट किए जाने की व्यवस्था पर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।
-डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के जिला पुरुष चिकित्सालय में ही बाल रोग विभाग का संचालन किया जा रहा है। बाल रोगियों का इलाज पुरुष अस्पताल में बने वार्ड में ही संचालित हो रहा है। इस कारण महिला चिकित्सालय की प्रसूताओं को नवजात के अचानक बीमार पड़ने पर महिला चिकित्सालय से लेकर पुरुष चिकित्सालय तक की दौड़ लगाना पड़ती है। इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से मातृत्व व बाल रोग विभाग को एक ही परिसर में संयुक्त तौर पर संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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शिफ्टिंग के तहत जिला पुरुष चिकित्सालय की बाल रोग की ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टरों को महिला चिकित्सालय परिसर में बैठने की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इस व्यवस्था के लागू होने से सभी बाल रोग चिकित्सक एक ही जगह पर रहेंगे। इससे नवजात से लेकर अन्य बाल रोगियों का इलाज एक ही छत के नीचे आसानी से हो सकेगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को नवजात शिशुओं का इलाज कराने में मिलेगा।
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बाल रोग विभाग को महिला चिकित्सालय में संचालित मातृत्व विभाग के निकट शिफ्ट किए जाने की व्यवस्था पर कार्य किया जा रहा है। जल्द ही इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।
-डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज