489 ग्राम पंचायतों में ठप हुआ मनरेगा कार्य
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गांव में ही मजदूरों को कार्य देने के लिए लाई गई मनरेगा पटरी से उतर गई है। जिले के 489 गांवों में मनरेगा का कार्य ठप हो गया है। परिणामस्वरूप उम्मीद लगाए मजदूर मारे-मारे फिर रहे हैं। उन्हें गांव में न तो कार्य मिल पा रहा है और न ही वे बाहर जा पा रहे हैं।
पंचायत चुनाव के दौरान 211 ग्राम पंचायतों का गठन नहीं होने से दिक्कत और बढ़ गई है। प्रशासकों की नियुक्ति की वजह गांव में कार्य नहीं शुरू हो पा रहे हैं। मामले में बीडीओ व सेक्रेटरी की लापरवाही सामने आ रही है। पिछले दिनों समीक्षा के दौरान हुए खुलासे के बाद विभाग में खलबली मची है।
गांव में ही जॉब कार्डधारकों को काम देने के लिए लाई गई महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना जिले में पटरी से उतर गई है। जिले की 986 में 489 ग्राम पंचायतों में कार्य ठप हो गए हैं। अधिकारियों की बड़ी कोशिश के बाद भी इन ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।
हालांकि बीच में अधिकारियों ने कोशिश करके कार्य की संख्या को करीब छह सौ गांवों तक बढ़ाया लेकिन वह फिर पटरी से उतर गया। पिछले दिनों डीएम की समीक्षा में इसका खुलासा होने पर अधिकारियों में खलबली मची है। मामले में खंड विकास अधिकारियों एवं सेक्रेटरियों की लापरवाही सामने आ रही है। खंड विकास अधिकारियों व सेक्रेटरियों की लापरवाही से कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं।