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Sultanpur News: मेडिकल कॉलेज में दवा काउंटरों पर लगी लंबी कतार
Mon, 18 Sep 2023 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 18 Sep 2023 11:51 PM IST
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सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज के पुरुष अस्पताल में मरीजों की भरमार है। सोमवार को 1745 मरीज ओपीडी पहुंचे तो करीब ढाई सौ मरीजों ने इमरजेंसी में इलाज कराया। इस भारी भीड़ के बीच दोपहर के वक्त अचानक बिजली चली गई। करीब डेढ़ घंटे बिजली न रहने से काउंटरों पर दवा वितरण बंद हो गया। इस वजह से अस्पताल के गेट तक करीब 70 मीटर लंबी कतारें लग गईं।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक अस्पताल की बिजली गुल हो गई। इस वजह से अस्पताल में ओपीडी और दवा वितरण काउंटरों पर काम लगभग बंद हो गया। ओपीडी में तो डॉक्टर जैसे-तैसे काम चलाते रहे लेकिन दवा काउंटरों पर अंधेरा हो जाने से वितरण बिल्कुल बंद हो गया। इस वजह से दवा लेने वालों की कतार लंबी खिंचती गई और अस्पताल के गेट तक पहुंच गई। इस दौरान फाॅल्ट को तलाश कर जब आपूर्ति चालू हुई तो उसके बाद भी दवा वितरण घंटों चलता रहा।
अचानक आए फाॅल्ट के चलते बिजली गुल होने से काफी समस्या हुई। हालांकि सभी मरीजों को दवाएं दी गईं। मरीजों की संख्या सामान्य से बहुत अधिक होने के कारण यह समस्या बढ़ गई थी।
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-डॉ. एसके गोयल, सीएमएस
बेड फुल, स्ट्रेचर से जमीन तक फैले मरीज
मेडिकल कॉलेज के पुरुष अस्पताल में इस समय भर्ती मरीजों की संख्या दो सौ के करीब पहुंच गई है। इस वजह से उपलब्ध सभी 186 बेड, सारे स्ट्रेचर और बेंच तक भी जब मरीजों को जगह नहीं मिल पाई तो उन्हें फर्श पर लिटाकर भी इलाज कराया गया। सीएमएस डॉ. गोयल ने बताया कि जैसे ही मरीज ठीक हो रहे हैं, उन्हें डिस्चार्ज किया जा रहा है। सारी कोशिश है कि सभी मरीजों को बेड मिल सके। बेड न होने की स्थिति में ही स्ट्रेचर पर इलाज किया जा रहा है।
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सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक अस्पताल की बिजली गुल हो गई। इस वजह से अस्पताल में ओपीडी और दवा वितरण काउंटरों पर काम लगभग बंद हो गया। ओपीडी में तो डॉक्टर जैसे-तैसे काम चलाते रहे लेकिन दवा काउंटरों पर अंधेरा हो जाने से वितरण बिल्कुल बंद हो गया। इस वजह से दवा लेने वालों की कतार लंबी खिंचती गई और अस्पताल के गेट तक पहुंच गई। इस दौरान फाॅल्ट को तलाश कर जब आपूर्ति चालू हुई तो उसके बाद भी दवा वितरण घंटों चलता रहा।
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अचानक आए फाॅल्ट के चलते बिजली गुल होने से काफी समस्या हुई। हालांकि सभी मरीजों को दवाएं दी गईं। मरीजों की संख्या सामान्य से बहुत अधिक होने के कारण यह समस्या बढ़ गई थी।
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-डॉ. एसके गोयल, सीएमएस
बेड फुल, स्ट्रेचर से जमीन तक फैले मरीज
मेडिकल कॉलेज के पुरुष अस्पताल में इस समय भर्ती मरीजों की संख्या दो सौ के करीब पहुंच गई है। इस वजह से उपलब्ध सभी 186 बेड, सारे स्ट्रेचर और बेंच तक भी जब मरीजों को जगह नहीं मिल पाई तो उन्हें फर्श पर लिटाकर भी इलाज कराया गया। सीएमएस डॉ. गोयल ने बताया कि जैसे ही मरीज ठीक हो रहे हैं, उन्हें डिस्चार्ज किया जा रहा है। सारी कोशिश है कि सभी मरीजों को बेड मिल सके। बेड न होने की स्थिति में ही स्ट्रेचर पर इलाज किया जा रहा है।