फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   life imprisonment in murder case

प्रधान की हत्या में पूर्व मंत्री समेत चार अभियुक्तों को उम्रकैद-

Thu, 22 Jul 2021 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 11:27 PM IST
विज्ञापन
life imprisonment in murder case
सुल्तानपुर। 26 वर्ष पूर्व ग्राम प्रधान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के मामले में प्रदेश के पूर्व मंत्री व भाजपा नेता जंग बहादुर सिंह समेत चार अभियुक्तों को जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीके जयंत ने बृहस्पतिवार को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्तों पर चार लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। मामला अमेठी जिले के जामों थाने के पूरब गौरा गांव से जुड़ा है।
विज्ञापन

जामों थाने के ग्राम धर्मगतपुर मौजा पूरब गौरा निवासी राम प्रकाश यादव ने पिछड़ी जाति के आरक्षित ग्राम प्रधान के लिए वर्ष 1995 में चुनाव लड़ा था। उनके खिलाफ पूरब गौरा गांव निवासी जामों के तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख व बाद में राज्य भंडारण निगम का अध्यक्ष बने (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) जंग बहादुर सिंह ने अपने समर्थक रामनाथ को चुनाव लड़ाया था। इस चुनाव में राम प्रकाश ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए थे और जंग बहादुर सिंह का प्रत्याशी रामनाथ चुनाव हार गया था। इसी को लेकर ग्राम प्रधान राम प्रकाश यादव व जंग बहादुर सिंह में रंजिश हो गई थी। 30 जून 1995 को ग्राम प्रधान राम प्रकाश यादव दोपहर में साइकिल से जामों बाजार गए थे।
विज्ञापन

बाजार से घर वापस लौटते समय करीब पांच बजे पूरब गौरा गांव में स्थित सरकारी टयूबवेल के पास पहुंचने पर घात लगाकर बैठे ब्लॉक प्रमुख जंग बहादुर सिंह के पुत्र दद्दन सिंह, गांव के ही रज्जन उर्फ समर बहादुर सिंह व हर्ष बहादुर सिंह और पीछे जीप से ब्लॉक प्रमुख जंग बहादुर सिंह व रमेश सिंह आए और ललकारते हुए कहा कि मारो आज बचने न पाए। इतने में दद्दन सिंह, रज्जन उर्फ समर बहादुर सिंह व हर्ष बहादुर सिंह ने असलहे से गोली मारकर ग्राम प्रधान राम प्रकाश यादव की हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बचाव करने दौड़े ग्राम प्रधान के भाई राम उजागिर व अन्य गांव वालों पर अभियुक्तों ने असलहा तान दिया और कहा कि चुप रहो नहीं तो तुम्हें भी गोली मार दूंगा। घटना के बाद सभी अभियुक्त बाइक व जीप से फरार हो गए। पुलिस ने मृतक ग्राम राम प्रकाश के भाई राम उजागिर यादव की तहरीर पर ब्लॉक प्रमुख जंग बहादुर सिंह, उनके पुत्र दद्दन सिंह, रमेश सिंह, रज्जन उर्फ समर बहादुर सिंह व हर्ष बहादुर सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल अतुल शुक्ल व वैभव पांडेय ने घटना को साबित करने के लिए छह गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बचाव पक्ष ने बेगुनाही साबित करने के लिए चार गवाहों की गवाही दर्ज कराई थी। दो गवाहों को अदालत ने स्वयं तलब कर उनकी गवाही दर्ज की थी।

बृहस्पतिवार को जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीके जयंत ने प्रदेश के पूर्व मंत्री जंगबहादुर, रमेश सिंह, रज्जन उर्फ समर बहादुर सिंह व हर्ष बहादुर सिंह को हत्या करने के लिए दोषी करार दिया। कोर्ट ने सभी अभियुक्तों को उम्रकैद व चार लाख 40 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। पूर्व मंत्री के पुत्र व सह अभियुक्त दद्दन सिंह की मुकदमे के दौरान मौत हो जाने के कारण उसके खिलाफ मामला समाप्त कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed