{"_id":"59fb48734f1c1bee688b8c87","slug":"labours-in-factory-at-risk","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोज जान जोखिम में डालकर काम करते मजदूर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोज जान जोखिम में डालकर काम करते मजदूर
Amarujala Bureau
Updated Thu, 02 Nov 2017 10:01 PM IST
विज्ञापन
जिले की फैक्ट्रियों पर नजर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर सुल्तानपुर और अमेठी जिले में दर्जनों फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। चीनी मिल में बॉयलर होने के बावजूद आपात स्थिति से निपटने के बंदोबस्त नहीं हैं। वहीं, अमेठी जिले की अधिकतर फैक्ट्रियों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। रायबरेली के एनटीपीसी में हुए हादसे के बाद अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को कुछ फैक्ट्रियों का जायजा लिया तो मजदूरों के सुरक्षा इंतजाम बेपटरी मिले।
विज्ञापन
सुल्तानपुर सहकारी चीनी मिल में करीब सवा चार सौ मजदूर काम करते हैं। एक दशक पूर्व बॉयलर की ट्यूब फटने से दो-तीन मजदूर घायल हो गए थे। बावजूद इसके सुरक्षा के लिए कोई पहल नहीं की गई। चार वर्ष पूर्व चीनी मिल में पाइप गेट ग्लास फट जाने से बड़ा हादसा टल गया था। चीनी मिल में लगे बॉयलर के पास कोई सुरक्षा के बंदोबस्त नहीं है। एक अदद फायर यंत्र भी नहीं लगा है।
विज्ञापन
सुरक्षा के इंतजाम नहीं: बॉयलर इंचार्ज
सुल्तानपुर। चीनी मिल के बॉयलर इंचार्ज कन्हईराम वर्मा ने बताया कि बॉयलर के पास एक दशक पूर्व ट्यूब फटी थी। उसके बाद भी आज तक मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया।
विज्ञापन