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860 मृतकों के खाते में जा रही किसान सम्मान निधि
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सुल्तानपुर। किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन में जिले में बड़ी गड़बड़ी प्रकाश में आई है। सत्यापन में पाया गया है कि जिले में दिवंगत हो चुके 860 किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की राशि जा रही है। यही नहीं 354 भूमिहीन भी किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं। एक लाख 30 हजार किसान अपात्र भी पाए गए हैं।
पांच अगस्त को ग्राम पंचायत स्तर पर कराए गए सत्यापन में भारी गड़बड़ी के खुलासे के बाद प्रशासन व कृषि विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। सत्यापन का कार्य 31 अगस्त तक चलेगा। स्थिति को देखते हुए सत्यापन में मृतकों व अपात्रों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या पांच लाख, 93 हजार, 873 है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इसमें चार लाख, 23 हजार, 374 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है।
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शासन के निर्देश पर कृषि विभाग की ओर से बीते पांच अगस्त से ग्राम पंचायत स्तर पर किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन का कार्य शुरू हुआ था। सत्यापन के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अभी तक हुए सत्यापन में 860 किसान ऐसे पाए गए हैं जिनकी मौत के बाद भी किसान सम्मान निधि योजना की राशि भेजी जा रही है।
सत्यापन में 354 किसान भूमिहीन होने के बावजूद इस योजना का लाभ लेते पाए गए हैं। सत्यापन के दौरान एक लाख 30 हजार किसान अपात्र पाए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन में बड़ी गड़बड़ी मिलने से प्रशासन व कृषि विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई है।
गड़बड़ी को देखते हुए कृषि विभाग की ओर से सत्यापन का कार्य 31 अगस्त तक चलाने का निर्णय लिया गया है। 31अगस्त तक चलने वाले सत्यापन कार्य को देखते हुए अभी और गड़बड़ी मिलने की आशंका जताई जा रही है। योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी को देखते हुए प्रशासन के निर्देश पर कृषि विभाग कार्रवाई की तैयारी में भी जुटा है।
उप निदेशक कृषि शैलेंद्र शाही ने बताया कि पांच अगस्त से किसान सम्मान निधि की कमियों को दूर करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगाया जा रहा है। सत्यापन में मृतक पाए गए 860 किसानों, 354 भूमिहीन किसानों और अपात्र किसानों का नाम हटाया जाएगा। धोखाधड़ी करके गलत तरीके से किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वालों के खिलाफ जांच कराकर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही धन की रिकवरी भी की जाएगी।
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पांच अगस्त को ग्राम पंचायत स्तर पर कराए गए सत्यापन में भारी गड़बड़ी के खुलासे के बाद प्रशासन व कृषि विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। सत्यापन का कार्य 31 अगस्त तक चलेगा। स्थिति को देखते हुए सत्यापन में मृतकों व अपात्रों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या पांच लाख, 93 हजार, 873 है। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इसमें चार लाख, 23 हजार, 374 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है।
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शासन के निर्देश पर कृषि विभाग की ओर से बीते पांच अगस्त से ग्राम पंचायत स्तर पर किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन का कार्य शुरू हुआ था। सत्यापन के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अभी तक हुए सत्यापन में 860 किसान ऐसे पाए गए हैं जिनकी मौत के बाद भी किसान सम्मान निधि योजना की राशि भेजी जा रही है।
सत्यापन में 354 किसान भूमिहीन होने के बावजूद इस योजना का लाभ लेते पाए गए हैं। सत्यापन के दौरान एक लाख 30 हजार किसान अपात्र पाए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन में बड़ी गड़बड़ी मिलने से प्रशासन व कृषि विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई है।
गड़बड़ी को देखते हुए कृषि विभाग की ओर से सत्यापन का कार्य 31 अगस्त तक चलाने का निर्णय लिया गया है। 31अगस्त तक चलने वाले सत्यापन कार्य को देखते हुए अभी और गड़बड़ी मिलने की आशंका जताई जा रही है। योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी को देखते हुए प्रशासन के निर्देश पर कृषि विभाग कार्रवाई की तैयारी में भी जुटा है।
उप निदेशक कृषि शैलेंद्र शाही ने बताया कि पांच अगस्त से किसान सम्मान निधि की कमियों को दूर करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगाया जा रहा है। सत्यापन में मृतक पाए गए 860 किसानों, 354 भूमिहीन किसानों और अपात्र किसानों का नाम हटाया जाएगा। धोखाधड़ी करके गलत तरीके से किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वालों के खिलाफ जांच कराकर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही धन की रिकवरी भी की जाएगी।