{"_id":"64b82b1e7419cdb4c70e8737","slug":"junior-resident-dismissed-for-writing-outside-medicine-sultanpur-news-c-103-1-shld1028-663-2023-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: बाहर की दवा लिखने पर जूनियर रेजीडेंट बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: बाहर की दवा लिखने पर जूनियर रेजीडेंट बर्खास्त
Wed, 19 Jul 2023 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Wed, 19 Jul 2023 11:57 PM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में बाहर से दवाएं लिखी जा रही हैं। यह मामला जब अमर उजाला ने उठाया तो प्राचार्य सख्त हुए। इस बीच उन्हें एक जूनियर रेजीडेंट का वीडियो मिल गया जिसमें वह मरीज को न केवल बाहर की दवा लिख रहा था बल्कि उसे मेडिकल स्टोर का नाम बताकर वहीं से दवाएं खरीदने का निर्देश भी दे रहा था। इस वीडियो के आधार पर प्राचार्य ने उस जेआर को बर्खास्त कर दिया है। इस घटना से पूरे मेडिकल कॉलेज में हड़कंप है।
सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से बाहर की दवाएं लिखे जाने का सिलसिला चला आ रहा है। खासकर जूनियर डॉक्टर लगातार ऐसा करते आ रहे हैं जिसकी शिकायत प्राचार्य से लेकर शासन तक पहुंच रही है। अमर उजाला ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद एक जेआर और जन औषधि केंद्र के प्रबंधक के बीच इसी बात को लेकर टकराव भी हो गया था जिसकी जांच सीएमएस की ओर से बनाई गई कमेटी अभी कर रही है।
इस बीच एक वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो में साफ दिखाई और सुनाई दे रहा है कि जूनियर रेजीडेंट मरीज को बाहर से दवा खरीदने का दबाव बना रहा है। उसे एक मेडिकल स्टोर का नाम बताकर कह रहा है कि दवा वहीं से खरीदना है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एसके गोयल ने यह वीडियो सीधे प्राचार्य को भेज दिया। इसके बाद प्राचार्य ने बर्खास्तगी जैसा कठोर कदम उठाया।
विज्ञापन
लिखित व मौखिक चेतावनी दे चुका था मैं : प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि वे दो बार लिखित और मौखिक रूप से चिकित्सकों को यह चेतावनी दे चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री भी लगातार कह रहे हैं कि मरीजों को अस्पताल से ही दवा दी जाएं। बाहर की दवा कतई न लिखी जाए। इसलिए यह कठोर कार्रवाई की गई है। यदि आगे ऐसा कोई मामला आया तो वहां भी इसी तरह की कार्रवाई होगी।
40 से 50 फीसदी मिलता है कमीशन
मेडिकल कॉलेज के बाहर जो मेडिकल स्टोर हैं, वहां से मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को बाहर की दवा लिखने पर 40 से 50 फीसदी कमीशन तक दिया जाता है। यानि यदि एक डॉक्टर दिन में पांच हजार की दवा बाहर से लिख देता है तो उसे दो से ढाई हजार रुपये कमीशन मिल जाता है। इसी कमीशन के लालच में यह सारा खेल चल रहा है।
विज्ञापन
सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से बाहर की दवाएं लिखे जाने का सिलसिला चला आ रहा है। खासकर जूनियर डॉक्टर लगातार ऐसा करते आ रहे हैं जिसकी शिकायत प्राचार्य से लेकर शासन तक पहुंच रही है। अमर उजाला ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद एक जेआर और जन औषधि केंद्र के प्रबंधक के बीच इसी बात को लेकर टकराव भी हो गया था जिसकी जांच सीएमएस की ओर से बनाई गई कमेटी अभी कर रही है।
विज्ञापन
इस बीच एक वीडियो वायरल हो गया। इस वीडियो में साफ दिखाई और सुनाई दे रहा है कि जूनियर रेजीडेंट मरीज को बाहर से दवा खरीदने का दबाव बना रहा है। उसे एक मेडिकल स्टोर का नाम बताकर कह रहा है कि दवा वहीं से खरीदना है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एसके गोयल ने यह वीडियो सीधे प्राचार्य को भेज दिया। इसके बाद प्राचार्य ने बर्खास्तगी जैसा कठोर कदम उठाया।
विज्ञापन
लिखित व मौखिक चेतावनी दे चुका था मैं : प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि वे दो बार लिखित और मौखिक रूप से चिकित्सकों को यह चेतावनी दे चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री भी लगातार कह रहे हैं कि मरीजों को अस्पताल से ही दवा दी जाएं। बाहर की दवा कतई न लिखी जाए। इसलिए यह कठोर कार्रवाई की गई है। यदि आगे ऐसा कोई मामला आया तो वहां भी इसी तरह की कार्रवाई होगी।
40 से 50 फीसदी मिलता है कमीशन
मेडिकल कॉलेज के बाहर जो मेडिकल स्टोर हैं, वहां से मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को बाहर की दवा लिखने पर 40 से 50 फीसदी कमीशन तक दिया जाता है। यानि यदि एक डॉक्टर दिन में पांच हजार की दवा बाहर से लिख देता है तो उसे दो से ढाई हजार रुपये कमीशन मिल जाता है। इसी कमीशन के लालच में यह सारा खेल चल रहा है।